
जिला पंचायत कार्यालय में CDO की छापेमारी से मचा हड़कंप, 55 फाइलें आवास पर मिलने से उठे सवाल।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
नैनीताल। जिला पंचायत कार्यालय में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान वित्तीय मामलों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, सरकारी अभिलेखों के रखरखाव और कर्मचारियों की उपस्थिति सहित कई मामलों में अनियमितताएं सामने आईं। वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त करीब 17 से 18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने जिला पंचायत कार्यालय नैनीताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण में कार्यालय के अभिलेखों, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली और परिसंपत्तियों की स्थिति की जांच की गई।
18 करोड़ के बजट के उपयोग पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं के साथ ही 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त लगभग 17 से 18 करोड़ रुपये के खर्च की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिला योजना, सांसद निधि और विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का विस्तृत ब्योरा भी तलब किया गया। सीडीओ ने स्वीकृत योजनाओं के प्रस्ताव समय पर तैयार करने और धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नक्शा पास करने की प्रक्रिया में मिलीं खामियां
भवनों के नक्शे पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच के दौरान कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा करने के दस्तावेज और रसीदों में कमियां सामने आईं। इस पर सीडीओ ने संबंधित मामलों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच पूरी होने तक जेई समेत तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
55 सरकारी फाइलें आवास पर मिलने से मचा हड़कंप
निरीक्षण के दौरान कार्यालय के डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण टीम के सामने ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई और मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
वहीं, कनिष्ठ और वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित करीब 50 से 55 सरकारी पत्रावलियां कार्यालय के बजाय हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी मिलने पर सीडीओ ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना सरकारी पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर भी सख्ती
निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय नहीं आने की शिकायतें भी सामने आईं। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से वर्ष 2026 में कर्मचारियों द्वारा लिए गए आकस्मिक अवकाश (सीएल) का विवरण भी जांचा गया। सीडीओ ने कर्मचारियों की उपस्थिति और अवकाश संबंधी अभिलेखों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का पुनरीक्षण करने और अनधिकृत अनुपस्थिति मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।
कर वसूली और परिसंपत्तियों की भी होगी जांच
जिला पंचायत की कर वसूली में कमी और संबंधित रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराने का मामला भी निरीक्षण में सामने आया। सीडीओ ने लंबित करों की वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के अभिलेखों की जांच करते हुए वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीज के नवीनीकरण और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। उन्होंने परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने के निर्देश दिए।
अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे के मामलों की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को इन प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका और आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दो घंटे में मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निरीक्षण में सामने आए सभी मामलों, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति और कार्यालय की व्यवस्थाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर दो घंटे के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की जिम्मेदारी सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, भीमताल के पटवारी हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







