मानसून के बाद खुले फाटो और हाथी डंगर पर्यटन जोन, जंगल सफारी को उमड़े पर्यटक, विधायक दीवान सिंह बिष्ट और डीएफओ पुनीत तोमर ने किया शुभारंभ, नाइट सफारी और ट्री हाउस रहेंगे खास आकर्षण।

मानसून के बाद खुले फाटो और हाथी डंगर पर्यटन जोन, जंगल सफारी को उमड़े पर्यटक 
विधायक दीवान सिंह बिष्ट और डीएफओ पुनीत तोमर ने किया शुभारंभ, नाइट सफारी और ट्री हाउस रहेंगे खास आकर्षण।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो और हाथी डंगर इको टूरिज्म जोन गुरुवार, एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर खोल दिए गए हैं। मानसून के बाद जंगल सफारी शुरू होने से पर्यटकों के साथ ही स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और नेचर गाइडों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। विधायक दीवान सिंह बिष्ट और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ पुनीत तोमर ने दोनों पर्यटन जोन का शुभारंभ किया।

यह भी पढ़ें 👉  भू-कानून के उल्लंघन पर धामी सरकार की सख्ती, नैनीताल में सात मामलों में 1.822 हेक्टेयर भूमि सरकारी खाते में दर्ज।

 

 

 

लंबे इंतजार के बाद जंगल सफारी पर निकले पर्यटक बाघ समेत अन्य वन्यजीवों को करीब से देखने की उम्मीद लेकर पहुंचे। दिल्ली से आए पर्यटकों ने बताया कि वे अपने बच्चों को जंगल और वन्यजीवों से रूबरू कराने के लिए रामनगर आए हैं। उन्होंने कहा कि वे खास तौर पर बाघ देखने को लेकर उत्साहित हैं।

 

 

 

फाटो जोन में सुबह और शाम की पाली में 50-50 जिप्सियों को सफारी की अनुमति दी गई है। वहीं, हाथी डंगर जोन में दोनों पालियों में 25-25 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल की सैर कराएंगी।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल पुलिस का दो टूक संदेश—“छात्रसंघ चुनाव है, अपराधियों का अड्डा नहीं” हार्डकोर अपराधी व अराजक तत्व रडार पर, ITI गैंग का एक सन्दिग्ध भी हिरासत में।

 

 

 

इस बार फाटो में नाइट सफारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहेगी। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए दो ट्री हाउस में तीन कक्ष, पांच इको हट, ब्रिटिश बिल्डिंग में चार, ओल्ड बिल्डिंग में दो कमरे और पांच टेंट हाउस समेत कुल 19 कक्ष उपलब्ध हैं।

 

 

 

नए पर्यटन सत्र में सफारी के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पर्यटकों को अपने मोबाइल फोन निर्धारित लॉकर में जमा कराने होंगे।

 

 

 

पर्यटन जोन खुलने से नेचर गाइड, जिप्सी चालकों और स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि बारिश के कारण सफारी मार्गों को नुकसान पहुंचा था, जिन्हें दुरुस्त करने के बाद पर्यटन जोन खोल दिए गए हैं। उन्होंने पर्यटकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें बेहतर सुविधाएं और अच्छा व्यवहार मिलना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  दाखिल-खारिज और प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, अब स्थलीय सत्यापन के बाद ही बनेगी रिपोर्ट।

 

 

उन्होंने कहा कि पर्यटन से जिप्सी चालकों और गाइडों के अलावा जिप्सी मालिकों, मैकेनिकों, रेस्टोरेंट संचालकों और स्थानीय दुकानदारों को भी रोजगार मिलता है। ऐसे में पर्यटकों के साथ बेहतर व्यवहार पूरे क्षेत्र के पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।