पहाड़ की महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की अनूठी पहल, भीमताल में खुला पांडेय ऑर्गेनिक स्टोर, स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान।

पहाड़ की महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की अनूठी पहल, भीमताल में खुला पांडेय ऑर्गेनिक स्टोर, स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

भीमताल। पहाड़ की महिलाओं के हाथों में हुनर है, स्थानीय उत्पादों में गुणवत्ता है, लेकिन सही बाजार और पहचान की कमी अक्सर उनके आत्मनिर्भर बनने की राह में बाधा बनती है। इसी चुनौती को अवसर में बदलने की दिशा में भीमताल में एक नई पहल शुरू हुई है। यहां पांडेय ऑर्गेनिक स्टोर के माध्यम से पहाड़ के पारंपरिक उत्पादों, स्थानीय कृषि उपज और महिला उद्यमियों के हुनर को एक ही छत के नीचे बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।

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रविवार को आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भावना मेहरा ने स्टोर का शुभारंभ किया। उन्होंने संचालिका अंजू पांडेय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ना उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

 

 

 

इस स्टोर की खासियत यह है कि यहां पहाड़ की पारंपरिक पहचान को आधुनिक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। शुद्ध हल्दी, पहाड़ी शहद, लाल चावल, कीवी स्क्वैश, मडुवे का आटा, पहाड़ी अचार, मिलेट उत्पाद, गहत, पहाड़ी राजमा, अलसी और जख्या जैसे खाद्य उत्पादों के साथ रिंगाल की टोकरियां तथा हस्तनिर्मित मोमबत्तियां भी उपलब्ध हैं।

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भावना मेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वोकल फॉर लोकल अभियान को धरातल पर उतारने के लिए ऐसी पहल जरूरी हैं। इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी और ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

 

 

 

इस पहल का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं, बल्कि पहाड़ की पारंपरिक कृषि, स्थानीय संस्कृति और महिला उद्यमशीलता को नई पहचान दिलाना भी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।

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कार्यक्रम में प्रकाश भट्ट, पंकज जोशी, मीनाक्षी भगत, परवीन पटवाल, राधा कुल्याल, भगवती सुयाल, रचना मेहरा, लता पांडेय, चंपा नयाल, प्रेमा सुयाल और हिमानी फुलारा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

 

 

खबर का खास एंगल: पहाड़ के उत्पादों को बाजार और महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने की यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।