कमल झील पुनर्जीवित एवं सौंदर्यीकरण कि शासन – प्रशासन से करी मांग।

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक 

भीमताल – पिछले पाँच वर्षों से लगातार पर्यटन से जुड़े कारोबारी एवं नौकुचियाताल वासी कमल झील की सुध लेने को बार-बार शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं, किन्तु आज भी झील कमल विहीन पड़ी हुई है, नगर के सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने बताया कि कि वे कमल झील सुधार एवं सौंदर्यीकरण के लिए पिछले 7 वर्षो से लगातार प्रयासरत है, उन्होंने पूर्व में सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से झील में कमल न खिलने की जांच और झील सौंदर्य की मांग रखी थी, जिस पर जिला प्रशासन ने जी. बी. पंत यूनिवर्सिटी पंत नगर से कमल झील की स्टडी करायी और प्रस्ताव तैयार कर सिंचाई विभाग द्वारा 29.815 लाख का बजट पास होने को अक्टूबर माह 2021 में शासन को भेजा।

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किन्तु बजट पास न होने के कारण आज भी मामला ज्यों का त्यों बना हुआ है जो पर्यटन शहर नौकुचियाताल की छवि में दाग लगा रहा हैं, जिसको लेकर आज पुनः सामाजिक कार्यकर्ता पूरन चंद्र बृजवासी ने शासन से कमल झील पुनर्जीवित एवं सौंदर्यीकरण हेतु बजट मांग की है और शीघ्र झील की सुंदरता बढ़ाने एवं कमल फूल के रख रखाव पर कार्य करने की मांग की हैl

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