चुनावी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रावत के खिलाफ छिड़े बगावती सुर।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रुद्रपुर – विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ बगावती सुर तेज हो गए हैं। सोशल मीडिया विभाग की प्रदेश अध्यक्ष शिल्पी अरोरा ने पूर्व सीएम हरीश रावत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने रावत पर ज़ुबानी बाण छोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए स्थितियां सहज होने वाली नहीं है। जनपद ऊधम सिंह नगर में भले ही कांग्रेस ने पांच सीटों पर अपना परचम लहराया हो, लेकिन राज्य में कांग्रेस की करारी हार है। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लालकुआं से खुद ही चुनाव हार गए हैं। इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगभग 17 हजार मतों से चुनाव हार गए हैं।

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वही रावत के खिलाफ कांग्रेसियों ने मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है।रावत का खुलकर विरोध शुरू हो गया है। वही रुद्रपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा की हार का श्रेय कांग्रेस कमेटी के महानगर जगदीश तनेजा को जाता है। तनेजा लंबे समय से कांग्रेस कमेटी के महानगर अध्यक्ष नियुक्त हैं। लेकिन उनका राजनीतिक अस्तित्व बहुत छोटा है। बंद कमरों में कांग्रेस की राजनीति करने वाले तनेजा की पकड़ आम जनता में बिल्कुल न के बराबर है। वही तनेजा ने हमेशा जन हित के मुद्दों को नजर अंदाज किया है।जिसका खामियाजा मीना शर्मा को भुगतान पड़ा। मीडिया से दूर रही कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा की हार का एक कारण यह भी रहा है कि उन्होंने हमेशा स्थानीय मीडिया से दूरी बनाए रखी। वही उनकी पार्टी के आला नेताओं ने उनके पक्ष में प्रचार प्रसार नहीं किया। जिसके बाद उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। अपनो का शिकार बनी मीना शर्मा अंदरुनी तौर पर कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा कही न कही अपनों का शिकार बनी रही।

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कांग्रेस कमेटी के कारवाह जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा भी इन चुनावों में घर से बाहर नहीं निकले और घर के भीतर बैठ कर मतदाताओं को रिझाने का काम नहीं किया जाता है। वही मीना शर्मा ने भी अपने चुनावी जनसंपर्क में सिर्फ महिलाओं की मदद ली। उनके समर्थन में किसी भी बड़े नेता ने कोई प्रचार प्रसार नहीं किया। लड़की हूं लड़ सकतीं हूं का नारा हवाई साबित कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का वह नारा भी हवाई साबित हुआ जिसमें में उन्होंने कहा था कि लड़की हूं लड सकती हूं।

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राजनीति विशेषज्ञों की मानें तो कांग्रेस प्रत्याशी मीना शर्मा को अपनी चुनावी प्रचार के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को रुद्रपुर आने के लिए अमित्रित करने की कोशिश करनी चाहिए थी। लेकिन मीना शर्मा इस गुमान में रहीं कि वह अपने दम पर चुनाव जीत सकती है। लेकिन मोजूदा समय में उन्हें कांग्रेस के आला नेताओं की बेहद जरूरत थी।उनकी हार का सबसे कारण यह रहा।

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