ब्याज माफिया चिराग़ अग्रवाल के एक साथी ने अदालत में किया आत्मसमर्पण। 

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रोशनी पाण्डेय – सह सम्पादक

रुद्रपुर-  शहर में रकम देकर ब्याज के मक्कड़ जाल गरीबों को फंसने वाले एक ओर ब्याज माफिया ने गोपनीय रुप से अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।इन ब्याज माफिया द्वारा हैवानियत दिखाते हुए ब्याज पर रकम लेने वाले लोगों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें निर्वस्त्र कर उसकी वीडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर दी गई रकम से पांच गुना अधिक रकम वसूलने का काम किया जा रहा था। इस मामले फरार चल रहे एक ब्याज माफिया ने सतर्क मित्र पुलिस को गच्चा देकर कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। वही इस मामले अभी एक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को पूर्व में ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।शहर की आवास विकास कालोनी के रहने वाले एक ब्याज माफिया चिराग़ अग्रवाल ने जरुरतमंद लोगों को ब्याज पर रकम देने का काला कारोबार करता था। इसके एवज में चिराग़ अग्रवाल दस से 12 प्रतिशत का ब्याज वसूल करता था। वही जो ब्याज की रकम नहीं अदा कर पाता था, तो चिराग़ अग्रवाल अपने साथियों चार ब्याज के मिलकर लोगों के साथ क्रूरता पूर्ण रूप से मारपीट करता और उन्हें निर्वस्त्र कर उनका वीडियो बना लेता था।

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इसके अलावा वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे मूल और ब्याज से कई गुना अधिक रकम वसूल किया करते थे। चिराग़ अग्रवाल के साथ इस मामले में शामिल गोविंद ढाली,देवरथ मंडल और घनश्याम बाठला को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी ने इस का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस से बचने के लिए मुख्य आरोपी चिराग़ अग्रवाल ने किसी फिल्मी सीन के तरह पुलिस को जमकर दौड़ते किच्छा रोड़ पर भाग निकला। वही उसके पीछे पुलिस भी अपने वाहनों से लगातार दौड़ती रही। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घेराबंदी कर भाग रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी गोविंद ढाली को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था।

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इस मामले फरार चल रहे देवरथ मंडल और घनश्याम बाठला फरार चल रहे थे।इस मामले के एक आरोपी देवरथ मंडल ने बृहस्पतिवार को अदालत में पेश होकर सिलेंडर कर दिया। जबकि घनश्याम बाठला अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। थाना ट्रांजिट कैंप प्रभारी सुंदरम शर्मा ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे देवरथ मंडल ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर कर दिया है। उन्होंने बताया कि घनश्याम बाठला अभी भी फरार चल रहा है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है। एस एस पी टीसी ने दिखाई थी इस मामले सतर्कता इस मामले में जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी ने अपनी सतर्कता दिखाई थी। जिसके बाद पुलिस भी सक्रिय हो गयी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर पुलिस ने इन ब्याज माफियाओं को गिरफ्तार किया था। लेकिन जैसे जैसे वक्त गुजरता गया, पुलिस ने भी इस मामले में ढील दे दी।

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जिसके परिणाम यह हुएं की एक फरार आरोपी ने पुलिस को मात देते हुए अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले के मुख्य आरोपी चिराग़ अग्रवाल के मोबाइल फोन में 14 लोगों की निर्वस्त्र वीडियो क्लिप मिली थी। वही इस मामले में पुलिस ने पीड़ित लोगों की खोजबीन पर विराम लगा दिया है।इस पूरे मामले में पुलिस की सुस्ती उस समय सामने आई है,जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी अपनी देखरेख में इस मामले की जांच पड़ताल करा रहे हैं।


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