वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रचुर मात्रा में बायोमास के रूप में उपलब्ध पिरूल ( छिड़ की पत्ती) एकत्रीकरण का कार्य स्वयं सहायता समूह बल्दियाखान द्वारा प्रारम्भ किया।

ख़बर शेयर करें -

उधम सिंह राठौर प्रधान सम्पादक 

भीमताल/नैनीताल 28 अप्रैल 2022- वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रचुर मात्रा में बायोमास के रूप में उपलब्ध पिरूल ( छिड़ की पत्ती) एकत्रीकरण का कार्य स्वयं सहायता समूह बल्दियाखान द्वारा प्रारम्भ कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ संदीप तिवारी ने बताया कि बल्दियाखान से पिरूल एकत्रीकरण का कार्य शुरू किया गया है। सभी खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि समस्त स्वयं सहायता समूह के सहयोग से पिरूल संग्रहण का कार्य कराया जाय। इससे पर्यावरण स्वच्छ, लोगों की आर्थिकी सशक्त व पिरूल के साफ हो जाने से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण व रोकथाम लगेगी।

यह भी पढ़ें 👉  निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे गाटर गिरने से दो कांवड़ यात्रियों की मौत।

 

जनपद की स्वयं सहायता समूह द्वारा संग्रहित किये गए पिरूल को औद्योगिक विकास के लिये वन विभाग के माध्यम से फैक्टरी की मांग को पूरा किया जाएगा। इसके एवज में महिलाओं को रुपये 2 प्रति किलोग्राम की दर से मानदेय दिया जाएगा। सरकार द्वारा पिरूल से कोयला व बिजली बनाने के संयत्र स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  ऑपरेशन प्रहार: चोरगलिया पुलिस ने अवैध तमंचा और कारतूस के साथ युवक को किया गिरफ्तार।


ख़बर शेयर करें -

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *