ग्रामोत्थान परियोजना से मिली नई उड़ान, व्यक्तिगत उद्यम से आत्मनिर्भर बनीं हेमलता गुप्ता।

ग्रामोत्थान परियोजना से मिली नई उड़ान, व्यक्तिगत उद्यम से आत्मनिर्भर बनीं हेमलता गुप्ता।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

हल्द्वानी विकासखंड के कामाक्षी स्वयं सहायता समूह और उन्नति ग्राम संगठन से जुड़ी हेमलता गुप्ता ने ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। परंपरागत मठरी निर्माण कार्य से जुड़ी हेमलता संसाधनों की कमी के चलते सीमित उत्पादन कर पाती थीं। लेकिन परियोजना के तहत आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और संसाधनों के समर्थन से उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार दिया है।

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व्यक्तिगत उद्यम गतिविधि सर्वेक्षण के बाद हेमलता को चयनित किया गया। उन्हें ₹75,000 की अनुदान राशि दी गई, साथ ही ₹1,65,000 का बैंक ऋण भी दिलाया गया। स्वयं उन्होंने भी ₹75,000 का निवेश किया। इस आर्थिक संबल से उन्होंने दो आधुनिक मठरी फ्राई मशीनें खरीदीं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

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आज हेमलता प्रतिदिन 50 मठरी पैकेट तैयार कर हल्द्वानी मंडी, काठगोदाम और स्थानीय बाजारों में विक्रय कर रही हैं। उनकी मासिक आय ₹20,000 से ₹22,000 तक पहुंच गई है और उन्होंने एक अन्य महिला को भी रोजगार दिया है।

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ग्रामोत्थान परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हेमलता गुप्ता ने कहा कि अब वे अपने उद्यम को और भी बड़े स्तर पर विस्तार देना चाहती हैं।