जिलाधिकारी रयाल की पहल रंग लाई: राजस्व मामलों में ऐतिहासिक तेजी।

जिलाधिकारी रयाल की पहल रंग लाई: राजस्व मामलों में ऐतिहासिक तेजी।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

जनपद नैनीताल में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के नेतृत्व में बीते साढ़े चार महीनों में प्रशासनिक कार्यों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। विरासतन, राजस्व वादों के निस्तारण और प्रमाण पत्रों के निर्गमन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की गई हैं, जिससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिला है।

जिलाधिकारी के अभिनव प्रयासों के चलते जिले में 17 हजार से अधिक परिवारों के नाम विरासत में भूमि दर्ज की गई है। वर्षों से लंबित मामलों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में समाधान निकलना प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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आंकड़ों के अनुसार 14 अक्टूबर से 31 मार्च तक जनपद की 9 तहसीलों में 7311 विरासतन मामलों का निस्तारण करते हुए 22,190 परिवारों को उनकी भूमि का अधिकार दिलाया गया।

राजस्व वादों के निपटारे के लिए गठित राजस्व प्रवर्तन समिति ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए 2528 लंबित मामलों का मौके पर जाकर समाधान किया। इससे फरियादियों को दफ्तरों के चक्कर काटने से राहत मिली है।

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इसके साथ ही जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को लेकर भी व्यापक अभियान चलाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 2543 जन्म प्रमाण पत्र और 1920 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि शहरी क्षेत्रों में 3660 जन्म और 1941 मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए गए। वर्तमान में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रमाण पत्रों की पेंडेंसी शून्य हो चुकी है, सिवाय उन मामलों के जो निकाय बोर्ड के निर्णय पर निर्भर हैं।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विरासतन और राजस्व से जुड़े मामलों में वर्षों से लंबित समस्याओं का तेजी से समाधान करना उनकी प्राथमिकता है। पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ इन अभियानों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।

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जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए प्रशासन ने यह साबित किया है कि इच्छाशक्ति और सही रणनीति से जनता को त्वरित राहत दी जा सकती है।

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