जंगल सफारी में ‘बाहरी एंट्री’ पर स्थानीय गाइडों का विस्फोट।
भण्डारपानी गेट पर गाइडों का हल्ला बोल, वन विभाग से मांगा जवाब।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। सीतावनी के भण्डारपानी गेट पर मंगलवार को नेचर गाइडों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सीतावनी नेचर गाइड एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित सांकेतिक प्रदर्शन में गाइडों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दबावों के चलते नियमों में बदलाव किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शनकारी गाइडों का आरोप है कि वर्षों से भण्डारपानी गेट पर कार्य कर रहे स्थानीय नेचर गाइडों की अनदेखी कर दूसरे गेटों के गाइडों को यहां तैनात किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह फैसला स्थापित प्रक्रिया और स्थानीय हितों की अनदेखी करते हुए लिया गया।
गाइडों ने बताया कि मामले को लेकर पहले भी उप प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर, प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर और वन क्षेत्राधिकारी कोटा रेंज को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नेचर गाइडों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर स्थानीय गाइडों के हितों की रक्षा नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस दौरान जंगल सफारी के लिए पहुंचे कई पर्यटकों ने भी गाइडों की मांग को उचित बताते हुए वन विभाग से पारदर्शी और न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पर्यटकों को असुविधा पहुंचाना नहीं है, इसलिए प्रदर्शन सीमित समय तक रखा गया और सफारी संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।


