एक करोड़ 63 लाख रुपए की ठगी का नया मामला नैनीताल के मल्लीताल थाने में दर्ज किया गया।

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रोशनी पाण्डेय- सह सम्पादक

हल्द्वानी उत्तराखंड में बीते दस सालों से प्रदेश के लोगों को लोकसभा, विधानसभा सचिवालय और सरकारी महकमों में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला ठग रितेश पांडे कडी मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस के शिकंजे में फस ही गया। पुलिस ने हाल ही रितेश पांडे के खिलाफ ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।

 

जब ठगी के आरोपी की गिरफ्तारी हुई तो प्रारम्भिक जांच में तीन करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई।इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस बहुउद्देशीय भवन हल्द्वानी में अपर पुलिस अधीक्षक नगर हरबंस सिंह ने बताया कि आरोपी ठग रितेश पांडे मूलरूप से जैती अल्मोड़ा का रहने वाला है।उसका एक मकान हल्द्वानी में भी है। और दूसरा मकान उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में है। रितेश पांडे के खिलाफ मुखानी रामनगर में पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं। जबकि एक करोड़ 63 लाख रुपए की ठगी का नया मामला नैनीताल के मल्लीताल थाने में दर्ज किया गया है। मुखानी थाने में कमलुलागाजा निवासी नवीन चन्द्र जोशी ने चार लाख पचास हजार और रामनगर कोतवाली में गजेन्द्र सिंह निवासी पीरुमदरा ने ग्यारह लाख की ठगी का मामला दर्ज कराया था।

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वही मल्लीताल निवासी कविता मेहरा ने एक करोड़ 53 लाख दस हजार रुपए की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।इस तरह तीन करोड़ रुपए से अधिक की ठगी सामने आई। जिसके बाद मुखानी थाना पुलिस रितेश पांडे की तलाश में जुट गई थी। बीती दो अप्रैल को आरोपी रितेश पांडे को उसके फाच्र्यनर कार संख्या यूके 07- डीएम 4800 के साथ लामाचौड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी खुद को केन्द्रीय व राज्य मंत्रियों का करीबी बताकर लोकसभा, विधानसभा सचिवालय और अलग-अलग सरकारी विभागों में उच्च पदों पर सरकारी नौकरी लगवाने का सांझा देकर ठगी करता था। रितेश पांडे ने साल 2014 में ठगी को अपना मुख्य धंधा बना लिया था। पुलिस टीम में मुखानी थाना प्रभारी दीपक बिष्ट,उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह सोराडी, सिपाही नरेन्द्र सिंह ढोकती शामिल हैं। रितेश की और परिजनों की सम्पत्ति होगी जांच दिमाग़ से शातिर ठग रितेश पांडे की और उसके परिजनों की सम्पत्ति की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।बैशुमार दौलत जमा कर और प्रापर्टी में निवेश किया।अब तक की जांच पड़ताल में सामने आया है कि रितेश ने अपने नाम से न के बराबर निवेश किया है।जो कार बरामद की गई है, उसे सीज कर दिया गया है।

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यह कार उसके नाम पर थी। एसपी सिटी का कहना है कि रितेश और उसके परिजनों और उसके नजदीकी कारोबारियों की सम्पत्ति की जांच कराई जा रही है।माना जा रहा है कि रितेश ने ठगी की बैशुमार दौलत से प्रापटी जमा की है, और उसके नाम पर नहीं है। शातिर ठग रितेश की पत्नियों की भी होगी जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर हरबंस सिंह का कहना है कि रितेश पांडे ने दो शादियां की हैं। उसकी पहली पत्नी हल्द्वानी में रहतीं हैं, जबकि दूसरी देहरादून में। दूसरी पत्नी उन्नाव यूपी की रहने वाली है।यह बात भी सामने आई है कि रितेश अपने परिवार के अन्य लोगों से मेलजोल कम रखता है। रितेश पर ठगी का आरोप लगाते वाले लोगों का तो यह तक कहना है कि रितेश की ठगी में उसकी पत्नियां भी बराबर की जिम्मेदार है।एस पी सिटी का कहना है कि पुलिस दोनों पत्नियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच कर रही है।

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