गीतिका जोशी की मृत्यु के बाद दो नेत्रहीन बच्चों को दिया उजाला।

ख़बर शेयर करें -

शादाब हुसैन  – संवादाता

रामनगर के मोहल्ला लखनपुर स्थित शांति कुंज गली नंबर 5 निवासी मुकेश जोशी की पत्नी गीतिका की मृत्यु लंबी बीमारी के बाद ऋषिकेश एम्स में 2 दिन पूर्व हो गई थी। मृत्यु के बाद डॉक्टरों ने उनकी आंखों का कार्निया बिल्कुल ठीक पाया। ऋषिकेश एम्स के चिकित्सकों ने गीतिका जोशी के पति मुकेश जोशी से आग्रह किया कि वे अपनी पत्नी की आंखें दान कर दें जिससे रोशनी का इंतजार कर रहे दो बच्चों के जीवन का अंधेरा दूर हो जाएगा और उन्हें दुनिया देखने के लिए रोशनी मिल सकेगी।

यह भी पढ़ें 👉  खटीमा में मुख्यमंत्री धामी की “प्रगति पथ यात्रा” में उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

 

 

 

मुकेश जोशी ने अपने मित्रों एवं परिजनों से सलाह करने के बाद गीतिका जोशी की आंखें दान दीं। 15-20 मिनट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद एम्स के चिकित्सकों ने गीतिका जोशी की आंखें दो अन्य व्यक्तियों को लगाकर उनकी जिंदगी को रोशन कर, उनके जीवन में छाया अंधेरा दूर कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  "जस्सागाँजा में डंपरों के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क पर धरना; SDM के आश्वासन पर एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित"

 

 

 

मुकेश जोशी द्वारा अपनी पत्नी गीतिका जोशी की आंखें दान करने के निर्णय की सभी प्रशंसा कर रहे है वही ऋषिकेश एम्स के चिकित्सा निदेशक ने भी पत्र लिखकर नेत्रदान हेतु आभार व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *