डॉक्टर्स डे पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा संदेश, बोले– “चिकित्सक हैं देवभूमि के आरोग्य प्रहरी”, आयुष्मान से 12 लाख मरीजों को मुफ्त इलाज, दुर्गम क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस से मजबूत हुई स्वास्थ्य व्यवस्था।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
देहरादून। नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, देहरादून शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों को “देवभूमि के आरोग्य प्रहरी” बताते हुए उनकी सेवा, समर्पण और त्याग को नमन किया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया तथा प्रदेश के सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल रोगों का उपचार नहीं करते, बल्कि समाज में विश्वास, उम्मीद और जीवन की नई ऊर्जा का संचार भी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 12 लाख से अधिक मरीजों को 2300 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है तथा किच्छा में एम्स का सैटेलाइट सेंटर भी अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अनेक चिकित्सकों ने मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान भी दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सक के साथ हिंसा या अभद्र व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेलीमेडिसिन जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं में नए अवसर प्रदान कर रही हैं, लेकिन समर्पित चिकित्सक ही स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




