“बाइक चोरी के बादशाह गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया खजाना”
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हरिद्वार। जिस गिरोह ने सड़कों से बाइकें गायब कर लोगों की नींद उड़ा रखी थी, वह आखिरकार पुलिस के सीसीटीवी के जाल में फंस गया। हरिद्वार पुलिस की पैनी नजर, मुखबिरों की सटीक सूचना और 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल ने तीन शातिर वाहन चोरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत भगवानपुर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। भगवानपुर थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी ने बताया कि लगातार बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था।
दिन-रात चली जांच, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की छानबीन और पुराने वाहन चोरों की निगरानी के बाद पुलिस ने खेलपुर रोड-खानपुर मार्ग पर जाल बिछाया। जैसे ही तीन संदिग्ध दो चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सैनी, कुलदीप कुमार और मुनव्वर के रूप में हुई।
पूछताछ में खुलासे पर खुलासे होते गए। आरोपियों की निशानदेही पर भगवानपुर, कलियर और हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र से चोरी की गई कुल 12 मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं। बरामदगी के बाद पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर सफलता की मुस्कान दिखाई दी, वहीं वाहन चोरों की दुनिया में हड़कंप मच गया।
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कुलदीप सैनी के खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कुलदीप कुमार पर भी कई मामले दर्ज हैं। तीसरे आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती जिलों तक फैली जांच, आधुनिक तकनीक और लगातार निगरानी के चलते इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों ने अंजाम दिया।
वाहन चोरों के लिए यह साफ संदेश है— अब अपराधियों की हर चाल पर सीसीटीवी की नजर है, और कानून के लंबे हाथ उनसे कहीं ज्यादा तेज। 🚔




