उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी, CM धामी ने बताया अनुपूरक बजट का रोडमैप।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी, CM धामी ने बताया अनुपूरक बजट का रोडमैप।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट को विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। मंगलवार को गैरसैंण में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

 

 

 

मुख्यमंत्री के अनुसार, अनुपूरक बजट में कुल 7,844.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद के लिए रखे गए हैं। सरकार ने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान कल्याण और स्थानीय निकायों के विकास पर विशेष ध्यान दिया है।

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किसानों और स्थानीय निकायों को मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों से धान और गेहूं की खरीद के लिए अन्नपूर्ति योजना के अंतर्गत 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष सहायता योजना में 500 करोड़ रुपये और जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज सहित चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 160 करोड़ रुपये तथा डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, खेल सुविधाओं, छात्रवृत्ति और कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर भी जोर दिया गया है। महिला एवं बाल कल्याण, पोषण अभियान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बजट में प्राथमिकता देने की बात कही गई।

कुंभ, धार्मिक यात्राओं और आधारभूत ढांचे पर निवेश

मुख्यमंत्री के अनुसार, गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये और आगामी दिव्य कुंभ की व्यवस्थाओं तथा आधारभूत सुविधाओं के लिए लगभग 290 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। नंदा राजजात यात्रा और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दिया गया है।

अर्थव्यवस्था और रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2022 के लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026-27 में करीब 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उनके मुताबिक, स्टार्टअप और एमएसएमई इकाइयों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

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उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, निवेश और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के साथ आपदा प्रबंधन तथा सुरक्षित अवस्थापना के विकास पर काम कर रही है। देहरादून में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया का परिसर स्थापित होने को भी आईटी और स्टार्टअप क्षेत्र में नए अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का उद्देश्य योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनका लाभ गांवों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों तक पहुंचाना है।