आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम, सिंचाई, पूर्ति, राजस्व, लोनिवि, जलसंस्थान, विद्युत आदि विभागों द्वारा किये गये राहत कार्य।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम, सिंचाई, पूर्ति, राजस्व, लोनिवि, जलसंस्थान, विद्युत आदि विभागों द्वारा  किये  गये राहत कार्य।

 

 

रोशनी पांडेय – सह संपादक

 

 

जनपद में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जिला प्रशासन के साथ ही नगर निगम, सिंचाई, पूर्ति, राजस्व, लोनिवि, जलसंस्थान, विद्युत आदि विभागों द्वारा शुक्रवार को राहत कार्य किये गये। जनपद में 08 से 11 अगस्त तक कुल – 302 परिवार, को अहैतुक धनराशि रू॰ 13.17 लाख का वितरण किया गया। जिसमें तहसील हल्द्वानी-113 परिवारोें को धनराशि रू॰ 5.65 लाख, तहसील नैनीताल के 75 परिवारों, को धनराशि रू॰ 3.75 लाख, तहसील कालाढूंगी के 20 परिवारों को धनराशि रू॰ 1.00 लाख,तहसील लालकुआं के 03 परिवारों को धनराशि रू॰ 0.15 लाख, मुर्गी फार्म की क्षति पर राहत धनराशि रू0 0.07 लाख, तथा तहसील रामनगर के 91 परिवारों को, धनराशि रू॰ 2.23 लाख, 01 आंशिक कच्चा भवन क्षति धनराशि रू0 0.04 लाख, तथा मुर्गी के चूजों की क्षति पर राहत धनराशि 0.07 लाख की धनराशि का वितरण किया गया। तहसील हल्द्वानी में 103 तथा तहसील नैनीताल में 50 प्रभावितों को राशन किटों का वितरण किया गया। वर्तमान में हल्द्वानी के 4 परिवार एवं नैनीताल के 25 परिवार राहत शिविरों में निवासरत हैं।

यह भी पढ़ें 👉  स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर

 

 

जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण आई आपदा/ जलभराव होेने एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने के उपरान्त जिला प्रशासन एवं समस्त विभागों द्वारा त्वरित रूप से कार्यवाही करते हुए राहत व बचाव कार्य सतत् रूप से किये जा रहे हैं इसके साथ ही आम जनजीवन को सामान्य स्थितियों मंे लाये जाने हेतु आवश्यक संसाधनों को क्षेत्र में उतारने हुए कार्य किये जा रहे है। हल्द्वानी नगर क्षेत्र में जलभराव एवं गौला सप्लाई चैनल में सिल्ट आ जाने तथा सप्लाई चैनल के क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर दिनांक 10 अगस्त को ही चैनल की मरम्मत कराते हुए आपूर्ति सुचारू की गई, टेंकरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की गई तथा अत्यन्त संकरे मार्गो में निवास्त परिवारों को भी वाहनों पर छोटी टंकियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

यह भी पढ़ें 👉  12 सूत्रीय मांगों को लेकर एआरटीओ कर्मचारियों का प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन जारी।

 

 

 

जल संस्थान द्वारा आज सुबह 05 बजे से शहर में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। ईई जल संस्थान रवि शंकर लोशाली ने बताया कि कल तक जहाँ 42 टैंकरों के माध्यम से लोगों को पेयजल आपूर्ति की जा रही थी वही आज सुबह 05 बजे से शहर के 70 प्रतिशत एरिया में पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है व कल सुबह तक शेष एरिया में भी पेयजल सुचारू होने की संभावना है जिसके लिए विभाग पूर्णतः प्रयासरत है।

 

 

शुक्रवार को कोटाबाग के ग्राम विदरामपुर में आपदा प्रभावित परिवारो के चिकित्सकीय परीक्षण हेतु सीएचसी कोटाबाग द्वारा ग्राम विदरामपुर में मेडिकल कैंप लगाया गया, कैम्प में 29 लोगों का परीक्षण किया गया एवम आवश्यक दवाये वितरित की गई।

यह भी पढ़ें 👉  मुसीबत में एक कॉल बनेगी सुरक्षा की ढाल”—SSP डॉ. मंजुनाथ टीसी, SP संचार रेवाधर मठपाल के नेतृत्व में छात्राओं को सिखाया गया Dial-112 और SOS का इस्तेमाल, आपात स्थिति में घबराएं नहीं, SOS दबाएं या 112 डायल करें—पुलिस हर समय आपकी सहायता के लिए तैयार।

 

 

मुख्य नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम व सिंचाई विभाग द्वारा रकसिया व कलसिया नालांे में पोकलैण्ड की सहायता से चैनलाइजेशन के द्वारा नाले के पानी के प्रवाह को बीचोबीच किया जा रहा है जिससे आसपास निवासरत लोगों के आवास सुरक्षित हो सकें। उन्होंने कहा प्रभावित क्षेत्रों मेें नामित वार्डवार नोडल अधिकारिंयो के द्वारा मलबा निस्तारण के साथ ही कीटनाशक दवाईयों का छिडकाव किया जा रहा है। जिससे किसी भी प्रकार की बीमारी व संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने कहा कार्यो की मानिटरिंग समय-समय पर की जा रही है। मुख्य नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा 05 जेसीबी व 08 टैªक्टर ट्राली के जरिये वार्डों में सफाई व्यवस्था के साथ ही मलबा निस्तारण का कार्य किया जा रहा है।