अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती, सूचना देने वाले को मिलेगा ₹50 हजार का इनाम; डेंगू रोकथाम और अस्पतालों पर भी डीएम के कड़े निर्देश।

ख़बर शेयर करें -

अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती, सूचना देने वाले को मिलेगा ₹50 हजार का इनाम; डेंगू रोकथाम और अस्पतालों पर भी डीएम के कड़े निर्देश।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

जनपद नैनीताल में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और बिना पंजीकरण संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसी-पीएनडीटी अधिनियम की जिला सलाहकार समिति की बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

 

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद में किसी भी स्तर पर भ्रूण लिंग परीक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर तत्काल छापेमारी के निर्देश देते हुए उन्होंने घोषणा की कि बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड मशीन के उपयोग की सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹50 हजार का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी रेडियोलॉजिस्ट और सोनोलॉजिस्ट का वैध पंजीकरण अनिवार्य है तथा बिना पंजीकरण मशीन का उपयोग कानूनन अपराध है।

यह भी पढ़ें 👉  फाँटो ईको टूरिज्म जोन पहुंचे प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, वन संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर दिए अहम निर्देश।

 

 

 

इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, नगर निकायों और पंचायतीराज विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित सर्विलांस, समय पर जांच, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, नालियों की सफाई और जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

यह भी पढ़ें 👉  वन महोत्सव में हरियाली का संदेश, वन गुज्जरों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी।

 

 

 

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ लोगों को जागरूक किया जाए कि घरों में कूलर, गमले, टायर और अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि डेंगू के संदिग्ध मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  तमंचे के बल पर लूट करने वाला 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार।

 

 

 

बैठक में जिलाधिकारी ने क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डिस्पेंसरी तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि प्रत्येक मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए और आपातकालीन स्थिति में हर मरीज को बिना देरी आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में डॉ. मंजूनाथ टी.सी., डॉ. रश्मि पंत सहित स्वास्थ्य, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 


ख़बर शेयर करें -