लापरवाही से वाहन चलाते हुए विक्रम वाहन को टक्कर मारने वाले रोडवेज बस चालक को छह साल कारावास और — रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

लापरवाही से वाहन चलाते हुए विक्रम वाहन को टक्कर मारने वाले रोडवेज बस चालक को छह साल कारावास और 9500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

ऋषिकेश: लापरवाही से वाहन चलाते हुए विक्रम वाहन को टक्कर मारने वाले रोडवेज बस चालक को न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में छह साल कारावास तथा 9500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।इस दुर्घटना में विक्रम चालक सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी।

 

 

23 जून 2012 को हरिद्वार मार्ग पर कालेकी ढाल के समीप ऋषिकेश से सवारियां लेकर हरिद्वार की ओर जा रहे एक विक्रम वाहन को हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर आ रही एक रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में विक्रम चालक रत्नेश सहित तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी, जबकि अन्य सवारियां घायल हो गई थी।

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इस मामले में विक्रम चालक रत्नेश के पिता तारकेश्वर सिंह निवासी ऋषिकेश ने ऋषिकेश कोतवाली में उत्तराखंड रोडवेज के हरिद्वार डीपो के चालक यशपाल सिंह निवासी शांति नगर कोकड़ा मुजफ्फरनगर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाते हुए तीन व्यक्तियों की जान लेने, गंभीर चोट पहुंचने व क्षति पहुंचने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।मामले में विवेचना के पश्चात पुलिस ने 27 जुलाई 2012 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। जिसके बाद यह मुकदमा सिविल जज व न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश श्रेया गुप्ता की अदालत में विचाराधीन था।

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गुरुवार को इस मुकदमें दोनों पक्षों को सुनने के बाद सिविल जज श्रेया गुप्ता की अदालत ने रोडवेज चालक यशपाल सिंह को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने दोषसिद्ध यशपाल सिंह को धारा 279 के तहत छह माह का कारावास व एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 337 में छह माह कारावास व पांच सौं रुपये अर्थदंड, धारा 338 में दो वर्ष कारावास तथा एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 304ए में दो वर्ष कारावास तथा छह हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 427 में एक वर्ष कारावास व एक हजार रुपये आर्थदंड की सजा सुनाई है।

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सहायक अभियोजन अधिकारी विशाल वर्मा ने बताया कि न्यायालय ने सभी धाराओं में क्रमश: एक के बाद एक कारावास की सजा दी है। यानी सभी पांच धाराओं में छह वर्ष कारावास तथा नौ हजार 300 रुपये अर्थदंड अदा करना होगा। अर्थदंड अदा न करने पर सभी धाराओं में एक सप्ताह से तीन माह तक की अतिरिक्त कारावास का निर्णय दिया गया है।

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