प्रसव के लिए लाई गई महिला को रेफर करने के बाद बच्चा मृत पैदा होने से परिजनों ने चिकित्सालय में लापरवाही का आरोप लगाते हुए किया हंगामा।

उधम सिंह राठौर – सम्पादक

रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय प्रसव के लिए लाई गई महिला को रेफर करने के बाद बच्चा मृत पैदा होने से परिजनों ने चिकित्सालय में लापरवाही का आरोप लगाते हुए किया हंगामा। परिजनों के साथ बसपा कार्यकर्ताओं ने मृत बच्चे को गेट पर रख धरना देकर चिकित्सालय के खिलाफ नारेबाजी की। बता दें कि रामनगर के सुंदरखाल गांव की रहने वाली दीपा देवी पत्नी वीरेन्द्र कुमार गर्भवती थी। गर्भवती महिला रोजाना अपने चेकअप के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में लगातार चेक अप के लिए आ रही थी। शुक्रवार को भी वह चिकित्सालय आई तो महिला चिकित्सक ने चेकअप के बाद ऑपरेशन के लिए उसे एक सप्ताह बाद की डेट दे दी थी। घर जाने पर शाम को महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों द्वारा उसे तुरंत ही रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय लाया गया,जहां संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टरों द्वारा महिला को आघे ले जाने को कहां गया ,परिजनों द्वारा जब महिला को रामनगर के पीरूमदारा में दूसरे निजी हॉस्पिटल में ले जाया जा रहा था तो महिला को नार्मल तरीके से बच्चा हो गया। लेकिन बच्चा मृत था।

प्रसव के लिए लाई गई महिला को रेफर करने के बाद बच्चा मृत पैदा होने से परिजनों ने चिकित्सालय में लापरवाही का आरोप लगाते हुए किया हंगामा।

इसके बाद महिला के परिजन मृत बच्चे को लेकर चिकित्सालय पहुंचे। इसके बाद बसपा नेता हेम भट्ट भी अपने कार्यकर्ताओं संग चिकित्सालय पहुंच गए,वहां परिजनों संग चिकित्सालय के बाहर धरने पर बैठ गए। महिला के पति वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि महिला का चेकअप ठीक से नहीं हुआ। यही वजह है कि ऑपरेशन की तिथि से पहले ही प्रसव हुआ और बच्चे की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को महिला के पति की ओर से चिकित्सालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई।

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प्रसव के लिए लाई गई महिला को रेफर करने के बाद बच्चा मृत पैदा होने से परिजनों ने चिकित्सालय में लापरवाही का आरोप लगाते हुए किया हंगामा।

इसके बाद महिला के परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। उधर चिकित्सालय की सीएमएस चंद्रा पंत ने बताया कि महिला से चेकअप से संबंधित पुराने व नये प्रपत्र मांगे गए हैं। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।