19 दिन की जंग रंग लाई! झुका प्रशासन, जस्सागांजा के आंदोलन की बड़ी जीत।
19 दिन… सैकड़ों ग्रामीण… और आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर के जस्सागांजा में सड़क और खनन वाहनों के खिलाफ चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन रविवार को प्रशासन के बड़े आश्वासन के बाद खत्म हो गया। चार अहम मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
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10 जून से ग्राम प्रधान हेमचंद के नेतृत्व में ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि चिलकिया शिवालय मंदिर से जस्सागांजा तक क्षतिग्रस्त सड़क का जल्द सुधारीकरण और डामरीकरण किया जाए तथा आबादी वाले क्षेत्र से गुजरने वाले खनन वाहनों को रोका जाए।
आंदोलन के 19वें दिन एसडीएम रामनगर गोपाल सिंह चौहान और सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी खुद धरना स्थल पहुंचे। करीब ढाई घंटे चली मैराथन वार्ता के बाद प्रशासन ने चार बड़ी मांगों पर सहमति दे दी।
प्रशासन के बड़े फैसले:
- सड़क के गड्ढे तत्काल भरे जाएंगे।
- सड़क के स्थायी निर्माण और डामरीकरण के लिए 70 लाख रुपये खनन न्यास से स्वीकृत कराए जाएंगे।
- स्कूल और आबादी की सुरक्षा को देखते हुए तय समय पर खनन वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
- 12 टायरा और उससे बड़े भारी वाहनों के इस मार्ग पर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इन आश्वासनों के बाद ग्रामीणों ने 19 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।




