
अटल उत्कृष्ट कॉलेज में बदहाली का ‘काला सच’! पेड़ों की कटाई से लेकर सुविधाओं तक सवाल।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
महुआखेड़ा गंज/काशीपुर। पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज महुआखेड़ा गंज की व्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्रवासियों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कभी करीब 2000 विद्यार्थियों से गुलजार रहने वाले इस विद्यालय में वर्तमान में लगभग 500 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
विद्यालय में उत्तराखंड के विभिन्न गांवों के अलावा उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
गर्मी में खराब पड़े पंखे, रोशनी की व्यवस्था भी प्रभावित
क्षेत्रीय लोगों और अभिभावकों के अनुसार विद्यालय की कई कक्षाओं में पंखे खराब पड़े हैं। गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने की भी शिकायत सामने आई है। आरोप है कि कुछ कमरों में बल्ब खराब हैं अथवा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
शौचालयों की बदहाली से छात्र-छात्राएं परेशान
विद्यालय के शौचालयों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार कई शौचालयों में गंदगी, टूटे दरवाजे और अंदर से कुंडी नहीं लगने जैसी समस्याएं हैं। छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त और पृथक शौचालय व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों ने चिंता जताई है।
खेल मैदान में उगी घास, पशुओं को बांधने की भी शिकायत
विद्यालय का खेल मैदान भी बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। मैदान में जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास उगने से विद्यार्थियों की खेल गतिविधियां प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विद्यालय परिसर के खेल मैदान में भैंस और घोड़े जैसे पशुओं को बांधा और चराया जाता है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो इससे विद्यालय की स्वच्छता, सुरक्षा और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध खेल सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने विद्यालय प्रशासन से इस पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।
पेड़ों की कटाई और बिक्री के आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित
विद्यालय परिसर में लगे यूकेलिप्टस के पेड़ों को काटकर बेचने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों में विद्यालय के प्रधानाचार्य का नाम लिया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले के संज्ञान में होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पेड़ों की कटाई एवं बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित की जा चुकी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही गेट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की कमी का मुद्दा
विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं। बताया गया कि विद्यालय में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से एक ही गेट है। आरोप है कि विद्यालय समय के दौरान कुछ बच्चे गेट कूदकर परिसर से बाहर निकल जाते हैं।
विद्यालय प्रशासन की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी को भी समस्या का एक कारण बताया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों वाले विद्यालय में सुरक्षा और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
शिक्षा विभाग और प्रशासन से जांच की मांग
क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से विद्यालय की व्यवस्थाओं की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय ने दशकों तक क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा देकर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बनाने का अवसर दिया, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कही सख्त कार्रवाई की बात
मामले को लेकर नगर पालिका महुआखेड़ा गंज के अध्यक्ष एडवोकेट रिजवान अहमद ने कहा कि विद्यालय प्रशासन से जुड़ी अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतें क्षेत्रीय लोगों के माध्यम से उनके संज्ञान में आई हैं। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वह अपने स्तर से इसकी जानकारी लेकर आवश्यक एवं सख्त कार्रवाई के लिए कदम उठाएंगे।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन इन शिकायतों की जांच में क्या तथ्य सामने लाते हैं और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, पेड़ों की कटाई और बिक्री से जुड़े आरोप जांच के अधीन हैं, जबकि विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को लेकर क्षेत्रवासियों की शिकायतें भी जांच और कार्रवाई की मांग कर रही हैं।




