कई जनपदों की कमान संभालने वाले युवा IPS प्रहलाद नारायण मीणा की नई उड़ान, अब देशभर में वन्यजीव अपराध के नेटवर्क पर होगी IPS मीणा की नजर, बनभूलपुरा में ढाल, विजिलेंस में भ्रष्टाचार पर वार, कोरोना में सेवा और पैरा जंपिंग में साहस; अब WCCB में राष्ट्रीय कमान।

*कई जनपदों की कमान संभालने वाले युवा IPS प्रहलाद नारायण मीणा की नई उड़ान*

*अब देशभर में वन्यजीव अपराध के नेटवर्क पर होगी IPS मीणा की नजर*

*बनभूलपुरा में ढाल, विजिलेंस में भ्रष्टाचार पर वार, कोरोना में सेवा और पैरा जंपिंग में साहस; अब WCCB में राष्ट्रीय कमान*

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

 

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड पुलिस के तेजतर्रार और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले 2012 बैच के IPS अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, आईपीएस मीणा को वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) में डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस एंड कोऑर्डिनेशन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

 

 

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत उन्हें पांच वर्ष की प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली स्थित WCCB मुख्यालय में तैनाती दी गई है। इस संबंध में गृह मंत्रालय की ओर से उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अब देशभर के वन्यजीव अपराध नेटवर्क पर नजर

WCCB में नई भूमिका आईपीएस प्रहलाद मीणा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। डिप्टी डायरेक्टर के तौर पर उनकी जिम्मेदारी वन्यजीव अपराध से जुड़ी खुफिया सूचनाओं के संकलन, विश्लेषण और विभिन्न राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़ी होगी।

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देश में वन्यजीव तस्करी का नेटवर्क कई राज्यों और कई बार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक फैला होता है। ऐसे में वन्यजीवों के अवैध शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी और संगठित तस्करी गिरोहों की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क और राज्यों के बीच समन्वय बेहद अहम है।

आईपीएस मीणा का अनुभव अब इसी मोर्चे पर इस्तेमाल किया जाएगा।

बनभूलपुरा हिंसा में दिखाई थी नेतृत्व क्षमता

आईपीएस प्रहलाद नारायण मीणा का नाम उत्तराखंड में कई चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग अभियानों से जुड़ा रहा है। 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा के दौरान वह तत्कालीन SSP नैनीताल के रूप में पुलिस बल की कमान संभाल रहे थे।

भारी पथराव, आगजनी और बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। इस दौरान उनके नेतृत्व में पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के साथ हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की।

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‘ऑपरेशन रोमियो’ से मिली अलग पहचान

नैनीताल SSP के कार्यकाल में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और युवतियों से अभद्रता करने वाले तथा अराजक तत्वों के खिलाफ चलाया गया ‘ऑपरेशन रोमियो’ भी काफी चर्चित रहा।

अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर उनके कार्यकाल में कई अभियानों ने पुलिसिंग की सख्त छवि को मजबूत किया।

विजिलेंस में रिश्वतखोरों पर भी कसा शिकंजा

पुलिसिंग के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में भी आईपीएस मीणा का अनुभव अहम रहा है। हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी के अलावा उन्होंने विजिलेंस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जनवरी 2022 में विजिलेंस SP की जिम्मेदारी संभालने के बाद करीब 20 महीने के कार्यकाल में रिश्वतखोरी के खिलाफ कई ट्रैप कार्रवाई की गईं। इस दौरान PCS स्तर के अधिकारी समेत 11 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अब उत्तराखंड से दिल्ली तक बदलेगा ऑपरेशन का दायरा

उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, संवेदनशील परिस्थितियों में नेतृत्व और इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई का अनुभव रखने वाले IPS प्रहलाद नारायण मीणा की नई तैनाती को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि WCCB में उनकी भूमिका सीधे राष्ट्रीय स्तर के वन्यजीव अपराध नेटवर्क से जुड़ी होगी।

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अब तक जिन अपराधियों और नेटवर्क के खिलाफ वह उत्तराखंड में कार्रवाई की कमान संभालते रहे, नई जिम्मेदारी में उनके सामने चुनौती का दायरा कहीं बड़ा होगा—राज्य की सीमाओं से निकलकर देशभर में फैले वन्यजीव अपराध के नेटवर्क तक पहुंचना।

साहसिक पुलिस अधिकारी की राष्ट्रीय पारी

पुलिसिंग के अलावा साहसिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे IPS प्रहलाद नारायण मीणा भारतीय वायुसेना के साथ करीब 5,000 फीट की ऊंचाई से पांच बार पैरा जंपिंग कर चुके हैं।

अब उनकी इस नई जिम्मेदारी को उत्तराखंड पुलिस के लिए भी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग से लेकर राष्ट्रीय स्तर की इंटेलिजेंस और कोऑर्डिनेशन भूमिका तक का यह सफर आईपीएस मीणा के करियर में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।

WCCB में उनकी नई तैनाती से वन्यजीव अपराध के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर चल रही कार्रवाई को मजबूत करने की उम्मीद है।

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