रामनगर में किन्नर समाज से जुड़ा विवाद, याना खान ने जताया जान का खतरा, बधाई के अधिकारों को लेकर विवाद, 60 लाख रुपये के कथित सौदे का भी उठाया मुद्दा।

रामनगर में किन्नर समाज से जुड़ा विवाद, याना खान ने जताया जान का खतरा, बधाई के अधिकारों को लेकर विवाद, 60 लाख रुपये के कथित सौदे का भी उठाया मुद्दा।

रामनगर में किन्नर समाज से जुड़ा विवाद, याना खान ने जताया जान का खतरा, बधाई के अधिकारों को लेकर विवाद, 60 लाख रुपये के कथित सौदे का भी उठाया मुद्दा।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। रामनगर में किन्नर समाज से जुड़ा विवाद सामने आया है। किन्नर समाज की गुरु याना खान ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने रामनगर नगर पालिका पहुंचकर अपनी बात रखी और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की।

 

 

याना खान की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, बधाई के नाम पर कथित तौर पर जबरन वसूली और धमकी से जुड़ा मामला सामने आया है। इसके साथ ही रामनगर समेत करीब पांच शहरों के बधाई अधिकारों को लेकर 60 लाख रुपये के कथित सौदे का मुद्दा भी उठाया गया है।

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याना खान के अनुसार, बधाई के अधिकारों को लेकर विवाद के कारण स्थिति गंभीर हुई है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले में मदद की मांग की है।

 

 

वहीं, 60 लाख रुपये के कथित सौदे को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि रामनगर समेत पांच शहरों के बधाई अधिकारों को लेकर इतनी बड़ी रकम के कथित लेन-देन की बात सामने आई है। हालांकि, इस कथित सौदे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित तौर पर 60 लाख रुपये का लेन-देन किन लोगों के बीच हुआ, रकम किसके पास पहुंची और किन पांच शहरों के अधिकारों को लेकर यह दावा किया जा रहा है। यदि इस संबंध में कोई दस्तावेज या वित्तीय रिकॉर्ड सामने आते हैं, तो जांच के दौरान उनकी भी पड़ताल की जा सकती है।

 

 

 

याना खान द्वारा जान का खतरा बताए जाने के बाद मामले का सुरक्षा पक्ष भी महत्वपूर्ण हो गया है। अब यह जांच का विषय है कि उन्हें किससे खतरा है और क्या इस संबंध में उनके पास कोई शिकायत या साक्ष्य मौजूद हैं।

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मामले में बधाई के नाम पर कथित धमकी और जबरन वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आना भी बाकी है।

अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 60 लाख रुपये के कथित सौदे और धमकी से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।

 

 

फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। सभी पक्षों के बयान और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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