‘सांप दिखाकर मंजन बेचने जैसा तरीका’, UPI टैक्स पर भड़के अनिल अग्रवाल।

‘सांप दिखाकर मंजन बेचने जैसा तरीका’, UPI टैक्स पर भड़के अनिल अग्रवाल।

‘सांप दिखाकर मंजन बेचने जैसा तरीका’, UPI टैक्स पर भड़के अनिल अग्रवाल।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। UPI लेनदेन पर लगाए गए टैक्स को लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव अनिल अग्रवाल ‘खुलासा’ ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस टैक्स को जनता, उपभोक्ताओं और व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।

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अनिल अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2020 के दौरान सरकार की ओर से UPI के माध्यम से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग नकद लेनदेन के बजाय डिजिटल भुगतान की ओर बढ़े। उनका आरोप है कि अब UPI लेनदेन पर टैक्स लगाने से व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

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उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि “यह तो मदारियों द्वारा सांप दिखाकर मंजन बेचने जैसा तरीका है। पहले जनता, उपभोक्ताओं और व्यापारियों को UPI से लेनदेन के लिए प्रेरित किया गया और जब लोग इसकी आदत डाल चुके हैं, तब इसे टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है।”

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अनिल अग्रवाल ने इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि टैक्स वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी देशव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद उस पर अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लगाने की व्यवस्था को लेकर सरकार को व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की चिंताओं पर विचार करना चाहिए।