कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल की अनोखी शुरुआत, वन्यजीव और प्रकृति पर जुटेंगे देश-विदेश के लेखक।

कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल की अनोखी शुरुआत, वन्यजीव और प्रकृति पर जुटेंगे देश-विदेश के लेखक।

कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल की अनोखी शुरुआत, वन्यजीव और प्रकृति पर जुटेंगे देश-विदेश के लेखक।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

देहरादून। उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इस बार वन्यजीव सप्ताह के दौरान एक अनोखी पहल होने जा रही है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, राज्य सरकार और उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UTDB) के संयुक्त तत्वावधान में पहली बार कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा।

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अधिकारियों के अनुसार, यह देश में किसी टाइगर रिजर्व की ओर से आयोजित किया जाने वाला अपनी तरह का पहला लिटरेचर फेस्टिवल होगा। आयोजन 1 से 7 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर किया जाएगा।

 

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फेस्टिवल में नेचर एंड वाइल्डलाइफ, नेचुरल हेरिटेज, कॉर्बेट और उत्तराखंड चार प्रमुख थीम रहेंगी। देश-विदेश के प्रसिद्ध लेखक, पर्यावरणविद, वन्यजीव विशेषज्ञ और अन्य जानकार इसमें शामिल होंगे।

 

 

आयोजन के दौरान वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक विरासत, पर्यावरण और उत्तराखंड की जैव विविधता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। अधिकारियों का कहना है कि फेस्टिवल का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उत्तराखंड में सस्टेनेबल और क्वालिटी टूरिज्म को प्रोत्साहित करना है।

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कॉर्बेट की प्राकृतिक विरासत और वन्यजीवों को साहित्य एवं विचार-विमर्श के मंच से जोड़ने वाली इस पहल को राज्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है।