मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में लवप्रीत ने रखी जरूरतमंदों की बात, सीएम के निर्देश पर घर पहुंचा टैब।

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में लवप्रीत ने रखी जरूरतमंदों की बात, सीएम के निर्देश पर घर पहुंचा टैब।

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में लवप्रीत ने रखी जरूरतमंदों की बात, सीएम के निर्देश पर घर पहुंचा टैब।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हरिद्वार। किसी विद्यार्थी के सपनों को पंख देने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कई बार दूसरों की जरूरत को समझने वाली संवेदनशील सोच भी बड़ा बदलाव ला सकती है। हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में लवप्रीत ने अपनी जरूरत से पहले आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने रखी। छात्रा की यह सोच मुख्यमंत्री को प्रभावित कर गई।

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कार्यक्रम के दौरान लवप्रीत ने कहा था कि संसाधनों के अभाव में जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन शिक्षा के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की उसकी बात को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया।

इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की थी। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से टैबलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य डिजिटल संसाधनों की कमी को विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा नहीं बनने देना है।

 

 

 

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और उसे टैब सौंपा। घर पर टैब मिलने के बाद लवप्रीत के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। मुख्यमंत्री की ओर से मिली इस मदद पर उसने आत्मीयता से ‘थैंक्यू’ कहकर आभार जताया।

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लवप्रीत के लिए यह टैब सिर्फ एक डिजिटल डिवाइस नहीं, बल्कि पढ़ाई को नई गति देने का माध्यम है। इससे उसे ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल पाठ्य सामग्री और सीखने के अन्य संसाधनों तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक या अन्य किसी कारण से संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की प्रतिभा और सपनों के आड़े न आए। डिजिटल शिक्षा आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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मुख्यमंत्री ने लवप्रीत की संवेदनशील सोच की सराहना करते हुए कहा कि अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता करना युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा ही समर्थ और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में उठी लवप्रीत की बात और उसके बाद घर तक पहुंचा टैब इस बात का उदाहरण है कि युवाओं के सुझावों को शासन की पहल से जोड़ा जा सकता है। छात्रा ने दूसरों की जरूरत की बात रखी और मुख्यमंत्री के निर्देश पर उसकी अपनी पढ़ाई के लिए भी सहायता पहुंची।