फल-सब्जी मंडियों में खाद्य हानि रोकने पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, राज्यों के बीच अनुभव साझा कर आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर जोर।

फल-सब्जी मंडियों में खाद्य हानि रोकने पर राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, राज्यों के बीच अनुभव साझा कर आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने पर जोर।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

 

 

रामनगर, 30 सितंबर। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की मेजबानी में कॉर्बेट एलीगेंट रिसॉर्ट, जिम कॉर्बेट में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन बुधवार को संपन्न हो गया। सम्मेलन का विषय “भारत में फल और सब्जी थोक बाजारों में खाद्य हानि और बर्बादी” रहा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों के कृषि विपणन बोर्डों के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और COSAMB के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

 

 

 

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उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने कहा कि उत्तराखंड में इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि फल एवं सब्जी मंडियों में खाद्य हानि कम करने और जैविक व अन्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान तथा सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

 

 

 

सम्मेलन में पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरसात, हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, असम राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष श्री बरुआ समेत विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रबंध निदेशक मौजूद रहे।

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यूएनडीपी विशेषज्ञ मनोज झा तथा संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध खाद्य हानि एवं खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ एवं परामर्शदाता भारत भूषण ने खाद्य हानि और बर्बादी कम करने के उपायों पर विचार रखे।

 

 

 

विशेषज्ञों ने परिवहन के दौरान फल-सब्जियों को होने वाली क्षति, अनुचित भंडारण, अत्यधिक पकने, बाजार में विलंब, अपर्याप्त छंटाई और जैविक अवशेषों को खाद्य हानि के प्रमुख कारण बताया। स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, बेहतर भंडारण एवं परिवहन व्यवस्था, प्रसंस्करण तथा जैविक कचरे के उपयोग पर जोर दिया गया।

 

 

 

वक्ताओं ने कहा कि केवल खाद्य अपशिष्ट के निस्तारण के बजाय खाद्य हानि की रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। मंडियों को स्वच्छ, व्यवस्थित और संसाधन-कुशल बनाने के लिए आधुनिक तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने की आवश्यकता है।

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सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि एवं बर्बादी जागरूकता दिवस के संदर्भ में भी लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया। अंत में उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड ने सभी राज्यों के मंडी बोर्डों के अध्यक्षों, अधिकारियों, COSAMB प्रतिनिधियों और विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। राज्यों के बीच निरंतर संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग से खाद्य हानि एवं बर्बादी कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर सहमति बनी।