दुर्गादेवी-मोरादा मार्ग 15 नवंबर से पहले खोलने की मांग, शिशुपाल सिंह रावत के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन।

दुर्गादेवी-मोरादा मार्ग 15 नवंबर से पहले खोलने की मांग, शिशुपाल सिंह रावत के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। दुर्गा देवी-मोरादा-मैदानवन-रिकणीखाल-नैनीडांडा विकास समिति के प्रतिनिधियों ने शिशुपाल सिंह रावत के नेतृत्व में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक की अनुपस्थिति में उनके बाबू को ज्ञापन सौंपकर मार्ग को आम जनता और स्थानीय निवासियों के लिए जल्द खोलने की मांग की। समिति ने कहा कि मार्ग खुलने से गढ़वाल और कुमाऊं के बीच आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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समिति ने मांग की कि 15 नवंबर से पहले इस मार्ग को गढ़वाल मोटर यूज़र्स (GMU) की बसों और सामान्य यातायात के लिए खोला जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि मार्ग खुलने के बाद विधिवत बस सेवा का शुभारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्रवासियों को नियमित परिवहन सुविधा मिल सके।

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शिशुपाल सिंह रावत ने कहा कि यह मार्ग गढ़वाल और कुमाऊं को सीधे जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके खुलने से स्थानीय लोगों को उत्तर प्रदेश के रास्ते लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से राहत मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में आवागमन, व्यापार और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

 

 

समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि मार्ग खोलने के मुद्दे पर स्थानीय सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री से भी चर्चा की जा चुकी है। इसके अलावा गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी मार्ग को जनहित में खोले जाने का समर्थन किया है।

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समिति ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता मार्ग को जल्द खोलकर बस सेवा शुरू कराना है। प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे दुर्गादेवी, मोरादा, मैदानवन, रिकणीखाल और नैनीडांडा सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गढ़वाल-कुमाऊं के बीच संपर्क और मजबूत होगा।