27 साल बाद दिखा सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा, उत्तराखंड में लोगों ने कैमरे में किया कैद, दिल्ली, लखनऊ समेत इन शहरों में दिखा सूर्यग्रहण।

ख़बर शेयर करें -

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

दीपावली के अगले दिन अमावस्या और सूर्यग्रहण होने के कारण आज यानी मंगलवार 25 अक्तूबर को कोई त्योहार नहीं मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसा संयोग 27 साल बाद देखने को मिला है। यह ग्रहण भारतवर्ष सहित मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया आदि स्थानों पर दिखाई दिया। इसका सूतक प्रभाव प्रात: काल इसी दिन 4:28 बजे से शुरू हो गया था। उत्तराखंड में लोग सूर्य ग्रहण को देखने के लिए काफी उत्साहित दिखाई दिए।

यह भी पढ़ें 👉  “ऑपरेशन प्रहार” के तहत नशे में ड्राइविंग पर पुलिस का सख्त एक्शन।

 

 

साल का दूसरा आंशिक सूर्य ग्रहण आज देश के कई इलाकों में देखने को मिला। यह खंड सूर्यग्रहण यानी आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण का असर भारत समेत दुनिया के कई इलाकों में देखने को मिलेगा। 25 अक्टूबर 202, दिन मंगलवार को सुबह 11.28 बजे से सूर्य ग्रहण शुरू हुआ और शाम 5.24 बजे तक करीब सात घंटे चलेगा। चूंकि दीपावली भारत में एक दिन पहले ही 24 अक्टूबर को मना ली गई है ऐसे में इस ग्रहण का दिवाली पर कोई असर नहीं रहा। ग्रहण के दौरान भगवत नाम का स्मरण बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  SSP मंजुनाथ टीसी का सख्त संदेश—लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई।

 

ग्रहण के बाद गंगा समेत विभिन्न पवित्र नदियों में स्नान का भी महत्व हैं। धर्मग्रंथों के अनुसार, सूतक के दौरान मंदिरों व स्थापित मूर्ति पूजा निषेध है। यही नहीं इस दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रखे जाते हैं। इसके अलावा मंदिरों में ग्रहण के बाद साफ-सफाई होने के बाद ही पूजा आरंभ होती है। ज्योतिषियों की मानें तो ग्रहण का स्पर्श इस बार भारत में ही होगा।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में स्कूल बसों की लापरवाही, सुरक्षा नियम तार-तार—मासूम बच्चों की जान जोखिम में, जिम्मेदार विभाग बेखबर।

 

सूर्यग्रहण के चलते चारधाम से लेकर प्रदेशभर के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण लगना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *