मौसम विभाग द्वारा अलर्ट किया जारी : भारी बारिश के बीच भूस्खलन और जलभराव की संभावना।

देहरादून

मौसम विभाग द्वारा अलर्ट किया जारी: भारी बारिश के बीच भूस्खलन और जलभराव की संभावना।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

 

उत्तराखंड के चार जिलों – देहरादून, टिहरी, पौड़ी, और हरिद्वार के लिए मौसम विभाग ने रविवार को भारी बारिश की संभावना के कारण रेड अलर्ट जारी किया है। उन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अन्य जिलों के लिए भारी बारिश की संभावना के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जो भी खतरे का संकेत देता है। लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहने का सुझाव दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम में जाम से निपटने को नैनीताल पुलिस अलर्ट, पार्किंग से शटल सेवा तक पुख्ता इंतजाम।

 

 

 

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक  बिक्रम सिंह ने बताया कि 17 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, 18 जुलाई को प्रदेशभर में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि 19 जुलाई के लिए सभी जिलों में बारिश का येलो अलर्ट है। यह अलर्ट भारी बारिश की संभावना के चलते जारी किया गया है, और लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक रहने का सुझाव दिया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  पुलिस कप्तान मंजुनाथ की अनोखी पहल का अनोखा अंदाज, रामलीला के साथ जागरूकता का मंच* *सेल्फी पॉइंट, शॉर्ट वीडियो और लोकल टीवी चैनलों से साइबर जागरूकता का विस्तार*

 

 

 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 और 17 जुलाई को जिले में भी भारी बारिश, गर्जन, और बिजली चमकने की संभावना है, इसलिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। जिले में विशेष सावधानियां बरतने के लिए आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  स्कूलों में एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन का दौर, सीएम धामी ने बनाई भविष्य की राह।

 

 

 

प्रभारी अधिकारी जिला कार्यालय ने मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि एनएच, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, बीआरओ आदि विभागों को सड़कों के बाधित होने पर तत्काल खुलवाने का प्रयास करें। पर्यटकों को बारिश के मौसम में संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन की अनुमति न दी जाए। इस सावधानीपूर्वक उपाय अपनाने के लिए जिले के निवासियों से भी अपील की गई है।