
अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास, एडीजी ने जांच और न्यायिक कार्रवाई की दी जानकारी
उधम सिंह राठौर – राठौर -प्रधान संपादक
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच और न्यायिक कार्यवाही को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में 30 मई 2025 को कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।
एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत युवती अंकिता भंडारी की हत्या के मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी की अध्यक्षता डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही अभियुक्तों से पूछताछ, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। एसआईटी ने 88 दिनों में जांच पूरी कर करीब 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
डॉ. मुरुगेशन के अनुसार, मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए शासन की ओर से आवश्यक प्रयास किए गए। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की पैरवी के आधार पर न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई।
उन्होंने बताया कि तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं और सजा काट रहे हैं।







