उत्तराखंड के चमोली जनपद में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति, कई इलाकों में नुकसान”।

“उत्तराखंड के चमोली जनपद में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति, कई इलाकों में नुकसान”।

 

 

 उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

 

चमोली, उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जनपद में रविवार रात से शुरू हुई भारी बारिश ने जनपद के कई इलाकों में बाढ़ का संकेत दिया है। थराली, नंदानगर, और पीपलकोटी क्षेत्रों में नदियों के उफान पर गाड़ गदेरे बह रहे हैं, जिससे कई गांवों में नुकसान हो रहा है। थराली गांव और केरा गांव में कई मकान और गौशालाएं मलबे में दब गई हैं। छोटे पुलों में भी कई जगहों पर नुकसान हो गया है।

यह भी पढ़ें 👉  पहले बने थे शेर, अब बने बिल्ली, बीच सड़क डंडे लहराकर दहशत फैलाने वालों पर SSP मंजुनाथ का शिकंजा 15 चिन्हित, 08 बालिगों पर कार्रवाई, 07 नाबालिगों की काउंसलिंग, परिजनों पर भी कार्रवाई, वाहन सीज SSP का दो टूक संदेश—“गुंडागर्दी, हुड़दंग और अराजकता बर्दाश्त नहीं, कानून तोड़ोगे तो कार्रवाई भारी पड़ेगी।

 

 

पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़कर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है, जिसके कारण कई लोग अपने घरों से बाहर जाकर सुरक्षित स्थान पर रुके हैं। चमोली पुलिस ने लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है, विशेष रूप से थराली, नारायणबगड़, कर्णप्रयाग, और उससे नीचे के क्षेत्रों में बसे लोगों को। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर करीब पर है, जिससे कर्णप्रयाग में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है। इसके अलावा, प्राणमति नदी और नंदाकिनी नदी भी खतरनाक स्तर पर बह रही हैं, जिससे नंदानगर क्षेत्र में भी बाढ़ की स्थिति है।

यह भी पढ़ें 👉  पहाड़ी फलों से कारोबार तक पहुंचा महिलाओं का हुनर, आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मिसाल बना शीतल स्वयं सहायता समूह।

 

 

पीपलकोटी में नगर पंचायत का कार्यालय और कुछ आवासीय मकान मलबे में दब गए हैं, और कई वाहन भी मलबे में फंस गए हैं। गडोरा गांव में एक आवासीय भवन के भू-कटाव के कारण मकान खतरे में हैं, लेकिन स्थानीय प्राधिकृत अधिकारियों ने परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। इसके साथ ही, बदरीनाथ हाईवे पर मलबे और बोल्डर आने से कई जगहों पर आवरुद्ध हो गया है, जिससे बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री भी प्रभावित हो रहे हैं।

kj
tara