वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाय, वन क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध पातन पर सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री

अमित नौटियाल – संवाददाता

देहरादून – वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाय। वनों के संरक्षण तथा वनाग्नि को रोकने के लिए जनजागरूकता व जन सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाय। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि गुलदार एवं अन्य वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक टास्क फोर्स बनाया जाय।

यह भी पढ़ें 👉  सड़क पर स्कूली बच्चों की लड़ाई का वीडियो वायरल, SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने लिया तत्काल संज्ञान, कालाढूंगी पुलिस ने बच्चों की पहचान कर बच्चों, परिजनों एवं स्कूल प्रबंधन की काउंसलिंग, परिजनों के विरुद्ध चालानी कार्यवाही।

यदि किसी क्षेत्र में किसी बच्चे पर गुलदार आक्रमण करता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के वनाधिकारी एवं डीएफओ की जिम्मेदारी तय की जाय। गुलदार के मानव आक्रमण से संबंधि चिन्हित स्थानों के लिए एक्शन प्लान बनाया जाय। वन क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध पातन पर सख्त कारवाई की जाय। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाय। वनों के संरक्षण एवं वनाग्नि को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा जन जागरूकता के साथ जन सहभागिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाय।

यह भी पढ़ें 👉  छात्रसंघ चुनाव के अंतिम दौर में मारपीट पर SSP NAINITAL का तत्काल एक्शन, MBPG कॉलेज हल्द्वानी में दो गुटों के बीच विवाद—02 युवक गिरफ्तार, अन्य अराजक तत्वों की पहचान कर गिरफ्तारी की कार्यवाही जारी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के संरक्षण, मानव एवं वन्यजीवों के संघर्ष को कम करने, भूस्खलन को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा इनोवेटिव प्रयास किये जाय। इनोवेटिव कार्यों के लिए वन विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य दिया जाय। जंगली जानवरों से किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी कार्य किये जा रहे हैं, वह धरातल पर दिखें। बैठक में केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, महाप्रबंधक वन निगम डी.जे.के शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक सुश्री ज्योत्सना शिथलिंग एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।