ग्रीष्मकाल में वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशासन सतर्क, नैनीताल वन प्रभाग द्वारा फायर ड्रिल और सफाई अभियान जारी।

ग्रीष्मकाल में वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशासन सतर्क, नैनीताल वन प्रभाग द्वारा फायर ड्रिल और सफाई अभियान जारी।

ग्रीष्मकाल में वनाग्नि रोकथाम को लेकर प्रशासन सतर्क, नैनीताल वन प्रभाग द्वारा फायर ड्रिल और सफाई अभियान जारी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

नैनीताल। गर्मियों के आगमन के साथ ही वनों में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस खतरे को भांपते हुए राज्य सरकार ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा हाल ही में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वनाग्नि की घटनाओं को पूरी तरह रोकने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण की जाएं।

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मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन एवं वन विभाग नैनीताल द्वारा हर स्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं। इसी कड़ी में नैनीताल वन प्रभाग ने हल्द्वानी से नैनीताल की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह फायर ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर गिरे सूखे पत्तों, विशेष रूप से पिरूल (चीड़ की सूखी पत्तियाँ) को हटाया गया, जो आमतौर पर वनाग्नि का मुख्य कारण बनती हैं।

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वन विभाग की टीम इस समय जिले के सभी वनाग्नि संभावित क्षेत्रों में नियमित सफाई एवं जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि वनों में आग लगने की घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके।

नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सी.एस. जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि “वन प्रभाग अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर फायर ड्रिल की जा रही है। ये टीमें ही आग लगने की स्थिति में तुरंत नियंत्रण हेतु भी कार्यरत रहेंगी।”

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उन्होंने यह भी बताया कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु आमजन को भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोग भी जंगलों की सुरक्षा में भागीदार बनें और आग लगने की किसी भी घटना की सूचना समय रहते दे सकें।

वन विभाग का उद्देश्य है कि इस ग्रीष्मकाल में वनों की हरियाली को आग की विभीषिका से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।