*खबर का असर* “जंगल के कानून से खिलवाड़!” 🐅 बाघों के इलाके में पर्यटकों को घुमाना पड़ा भारी, मचान रिसोर्ट पर वन विभाग का शिकंजा!

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“जंगल के कानून से खिलवाड़!”
🐅 बाघों के इलाके में पर्यटकों को घुमाना पड़ा भारी, मचान रिसोर्ट पर वन विभाग का शिकंजा!

उधम सिंह राठौर – प्रधान सम्पादक

 

रामनगर।
कॉर्बेट के खौफनाक जंगल…
अंधेरा… सन्नाटा… और हर कदम पर मौत का खतरा…

 

 

लेकिन इसी खतरनाक जंगल के किनारे बसे मचान रिसोर्ट पर अब बड़ा आरोप लगा है। आरोप ऐसा, जिसने वन विभाग तक को हिला दिया।

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रिसोर्ट के कर्मचारी पर्यटकों को आरक्षित वन भूमि से लगे उस इलाके में घुमा रहे थे, जहां कभी भी बाघ, हाथी या तेंदुए से सामना हो सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो के बाद वन विभाग हरकत में आया और सीधे नोटिस थमा दिया।

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⚠️ “रोमांच या मौत का खेल?”
वन विभाग का कहना है कि यह इलाका वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र है, जहां जरा सी लापरवाही बड़ी त्रासदी बन सकती थी।

जंगल की खामोशी के बीच क्या चल रहा था ‘डेंजर टूरिज्म’?
🐅 क्या पर्यटकों की जान को खतरे में डालकर कराया जा रहा था रोमांच?

 

 

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वन क्षेत्राधिकारी कोसी रेंज ने रिसोर्ट प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के आदेश दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

 

 

🔥 कॉर्बेट के जंगलों में अब सिर्फ बाघों का डर नहीं… वन विभाग की नजर भी शिकारी अंदाज़ में घूम रही है!