हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस सख्त! पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मदन जोशी के घर चस्पा हुआ नोटिस।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस सख्त! पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मदन जोशी के घर चस्पा हुआ नोटिस।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर।
छोई–बैलपड़ाव मांस विवाद मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नैनीताल पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को पुलिस टीम पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भाजपा मदन जोशी के घर पहुंची और थाने में पेश होने की मुनादी कराते हुए चेतावनी आदेश चस्पा किया।

पुलिस ने मदन जोशी को 10 दिसंबर 2025 तक का समय दिया है, जिसके भीतर उन्हें अदालत या थाने में पेश होकर अपने खिलाफ लगे आरोपों का जवाब देना होगा। आदेश की अवहेलना करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  भारत सरकार' का बोर्ड, नीली बत्ती और एयरगन; नैनीताल पुलिस की सघन चेकिंग में धरा गया फर्जी I.B. अधिकारी! SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर चप्पे-चप्पे पर चेकिंग का असर; हल्द्वानी में रौब झाड़ता रामपुर का शातिर युवक फर्जी ID कार्ड और कार समेत गिरफ्तार।

यह कार्रवाई उस समय हुई है जब हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने छोई–बैलपड़ाव मांस प्रकरण को लेकर एसएसपी नैनीताल और रामनगर कोतवाल को तलब किया था। अदालत ने कड़ा रुख दिखाते हुए पूछा था कि आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई थी।

यह भी पढ़ें 👉  रैली से पोस्टर तक पर रोक, MBPG छात्रसंघ चुनाव को लेकर पुलिस ने प्रत्याशियों को समझाए नियम।

हाईकोर्ट की इस फटकार के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब अन्य आरोपियों राजू रावत और जतिन के घरों पर भी मुनादी और नोटिस चस्पा करने की तैयारी में है, ताकि उन्हें अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण के लिए बाध्य किया जा सके।

गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को छोई और बैलपड़ाव गांव में कथित अवैध मांस की सूचना पर ग्रामीणों ने एक वाहन को रोका था। इस दौरान झड़प में वाहन चालक की पिटाई की गई थी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया था और राजनीतिक संगठनों तथा पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम पहुँचीं ‘हनुमान अंश’ की युवा प्रोड्यूसर अनूप्रिया नागर और कार्तिक पालीवाल, लिय्या बाबा जी का आशीर्वाद, SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने शॉल व मोमेंटो देकर किया सम्मानित!, "श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना ही नैनीताल पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।" — SSP नैनीताल।

अब हाईकोर्ट की निगरानी और जवाबदेही की घड़ी में पुलिस की सक्रियता ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। 17 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले पुलिस अपने सभी कदमों की रिपोर्ट अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।