230 करोड़ की परियोजना पर कमिश्नर का सख्त एक्शन… देरी हुई तो अफसर होंगे जिम्मेदार!”

“230 करोड़ की परियोजना पर कमिश्नर का सख्त एक्शन… देरी हुई तो अफसर होंगे जिम्मेदार!”

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हल्द्वानी में 230 करोड़ रुपये की सड़क और ड्रेनेज परियोजनाओं की धीमी रफ्तार अब अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने खुद सड़कों पर उतरकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और साफ चेतावनी दी कि काम में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समयसीमा टूटी तो जिम्मेदारी सीधे संबंधित अधिकारियों की तय होगी।

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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कैंप कार्यालय से मंगल पड़ाव और शनि बाजार क्षेत्र तक पैदल निरीक्षण कर यूयूएसडीए के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण परियोजनाएं तय समय से पीछे चल रही हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए माइक्रो प्लान बनाकर तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।

 

 

आयुक्त ने शहरभर में खुदी सड़कों, खुले गड्ढों और आम लोगों को हो रही परेशानियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। यदि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही सड़क खोदने के बाद उसकी समय पर मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

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बरेली रोड पर हाल ही में हुए हादसे का जिक्र करते हुए आयुक्त ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थान पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही एनएचएआई को जल्द चेतावनी बोर्ड और साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने वाहन चालकों से भी अपील की कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग से बचें, क्योंकि यह गंभीर हादसों का कारण बनती है।

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कुमाऊं आयुक्त के इस सख्त निरीक्षण के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि 230 करोड़ की परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं या नहीं। फिलहाल प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है—विकास कार्यों में लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

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