राजभवन नैनीताल में आयोजित हुआ परिवार मिलन कार्यक्रम, राज्यपाल ने कार्मिकों को बताया “परिवार का हिस्सा”

राजभवन नैनीताल में आयोजित हुआ परिवार मिलन कार्यक्रम, राज्यपाल ने कार्मिकों को बताया "परिवार का हिस्सा"

राजभवन नैनीताल में आयोजित हुआ परिवार मिलन कार्यक्रम, राज्यपाल ने कार्मिकों को बताया “परिवार का हिस्सा”

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

नैनीताल, राजभवन नैनीताल में शनिवार को एक सामूहिक परिवार मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजभवन में तैनात समस्त कार्मिकों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया। इस विशेष अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सभी से आत्मीय मुलाकात की और उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली।

यह भी पढ़ें 👉  तीनपानी फ्लाईओवर पर बड़ा सड़क हादसा, तेज रफ्तार में पलटी कार; SSP ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा।

राज्यपाल ने इस अवसर पर राजभवन में वर्षों से सेवाएं दे रहे कार्मिकों को सम्मानित भी किया। उन्होंने उनके समर्पण, निष्ठा और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि, “राजभवन के सभी अधिकारी और कर्मचारी केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य हैं। परिवार के किसी भी सदस्य की समस्या मेरी अपनी समस्या है, और उसका समाधान मेरी प्राथमिकता है।”

राजभवन के 125 वर्ष पूर्ण होने पर किया गौरव व्यक्त
राज्यपाल ने कहा कि राजभवन नैनीताल ने हाल ही में 125 वर्ष पूरे किए हैं, और आज भी इसकी भव्यता, गरिमा और सुंदरता कायम है। उन्होंने इसके संरक्षण एवं रखरखाव में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की।

यह भी पढ़ें 👉  नाबालिगों को गाड़ी देना पड़ सकता है भारी! SSP नैनीताल की अभिभावकों से भावुक अपील, बोले— हादसों के दृश्य रातों की नींद उड़ा देते हैं।

कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन पर बल
अपने प्रेरणादायी संबोधन में राज्यपाल ने सभी कार्मिकों से कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी से अपने कार्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राजभवन जैसी गरिमामयी संस्था में लापरवाही या शिथिलता के लिए कोई स्थान नहीं है। हम सभी को अपने कार्यों में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने हैं।”

यह भी पढ़ें 👉  “युवाओं के दम पर बनेगा विकसित भारत-2047, CM धामी ने बताया सफलता का मंत्र”

परिवार जैसी आत्मीयता से भरा रहा कार्यक्रम
कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, परिसहाय श्री अमित श्रीवास्तव, अनु सचिव श्री लक्ष्मण राम आर्या सहित राजभवन के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरा आयोजन आपसी संवाद, सम्मान और सौहार्द्र से परिपूर्ण रहा।