आपदा की घड़ी में प्रशासन कितना तैयार? रामनगर में सफल मॉक ड्रिल से मिला जवाब।

ख़बर शेयर करें -

आपदा की घड़ी में प्रशासन कितना तैयार? रामनगर में सफल मॉक ड्रिल से मिला जवाब।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रामनगर (नैनीताल), 30 जून 2025
पम्पापुरी क्षेत्र के ऊपरी पहाड़ी इलाके में मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया की तैयारियों का परीक्षण करना था।

यह भी पढ़ें 👉  वीकेंड और NEET परीक्षा को लेकर नैनीताल पुलिस का ट्रैफिक प्लान जारी, 20-21 जून को रहेगा विशेष डायवर्जन।

प्रशासन को सूचना प्राप्त हुई कि पानी भरने से क्षेत्र के कई घरों में नुकसान हुआ है और कुल तीन मकान ढह गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र नैनीताल द्वारा रामनगर तहसील आपदा नियंत्रण कक्ष को सतर्क किया गया और तत्काल राजस्व, पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा अन्य विभागीय टीमों को सक्रिय किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  *🚨 NEET-2026 पुनर्परीक्षा पर नैनीताल पुलिस का अभेद्य सुरक्षा घेरा* *एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने किया पुलिस बल को ब्रीफ, 11 केंद्रों के 100 मीटर दायरे में परीक्षार्थियों के अलावा किसी को अनुमति नहीं, नकल माफिया और सॉल्वर गैंग पर पैनी नजर*

सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और खतरे की जद में आए घरों से 12 लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाला गया। इनमें से चार घायल व्यक्तियों को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार हेतु भेजा गया, जबकि दो गंभीर घायलों को सुशीला तिवारी चिकित्सालय, हल्द्वानी रेफर किया गया।

उधर, कोसी नदी के पानी के साथ आए मलबे, चट्टानों और बहते पेड़ों के कारण नाले से लगे हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने हेतु मौके पर जेसीबी मशीन लगाकर मार्ग से मलबा हटाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने किया डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण, कंडोलिया महोत्सव को मिलेगा राजकीय स्वरूप।

खतरे में आए नागरिकों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया, जहां जिला प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और आवश्यक राहत सामग्री की समुचित व्यवस्था की गई।

यह मॉक ड्रिल आपदा के समय प्रशासनिक सजगता और तैयारियों को दर्शाता है, जो भविष्य की किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।


ख़बर शेयर करें -