सिचाई विभाग की आड़ में लाखों का खनन।

उधम सिंह राठौर प्रधान संपादक

तराई पस्चिमी डिवीजन रामनगर की रेज आमपोखरा मालधन क्षेत्र में ढेला बेराज की साइडो पर, लगभग दो साल से ब्लॉक भरने का कार्य चल रहा है। जिसकी आड़ में कोप लेन मशीन से लगातार अवैध खनन किया जा रहा है। इस अवैध खनन की शिकायत जब जनता के द्वारा की जाती हैं तभी वन विभाग के द्वारा कार्यवाही की जाती हैं। जब तक जनता इसकी शिकायत नही करती हैं तब तक वन विभाग अपनी आंखें बंद किये बैठा रहता हैं रविवार को जनता द्वारा की गई। अवैध खनन की शिकायत पर तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर के एसडीओ औऱ आमपोखरा के रेंजर अपनी टीम के साथ मोके पर पहुँच कर अवैध खनन कर रही कोप लेन मशीन को अपने कब्जे में लेकर पास ही में गुज्जरों के झाले में छुपा दिया। जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी बलबंत सिंह शाही को हुई तो उन्होंने तत्काल कार्यवाही करने के आदेश कर दिए है।

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सिचाई विभाग की आड़ में लाखों का खनन।

ये कोप लेन मशीन कुछ महा पूर्व भी अवैध खनन में सीज की गई थी वन विभाग के जिन अधिकारीयो ने कोप लेन मसीन को पकड़ा था। उन्होंने उनको छुपाने की कोशिश की जबकि वन विभाग की चौकी घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर थी। वन विभाग के अधिकारियों की ऐसी कार्यशैली बड़ा संदेह पैदा करती हैं साथ ही सिचाई विभाग भी मिली भगत से अछूता नही हैं ढेला बेराज के साइडों से अवैध खनन कर ढेला बैराज को भी कमजोर किया जा रहा हैं। सिचाई विभाग के अधिकारी अवैध खनन को होते देख अपनी आंखें क्यो बैंद किया बैठा हैं ये मिली भगत की ओर इशारा करता हैं।

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वही डीएफओ बलवंत सिंह साही ने बताया कि जांच में पाया कि इस कार्य को लेकर किसी भी तरह कोई परमिशन नहीं ली गयी है। और वह बिना परमिशन के ही अवैध खनन कर रहे हैं मेने खनन होते मौके पर पाया तभी मैंने अपनी टीम को मौके पर भेजा था अब मेने अपनी टीम को सख्त निर्देश दिए हैं कि उस कोप लेन मशीन को अपने कब्जे में लिया है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।

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