ग्रीन फील्ड एकेडमी में मदर्स डे का हर्षोल्लास से आयोजन, माताओं की आंखें हुईं नम।

ग्रीन फील्ड एकेडमी में मदर्स डे का हर्षोल्लास से आयोजन, माताओं की आंखें हुईं नम।
ख़बर शेयर करें -

ग्रीन फील्ड एकेडमी में मदर्स डे का हर्षोल्लास से आयोजन, माताओं की आंखें हुईं नम।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। ग्रीन फील्ड एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को मदर्स डे के अवसर पर एक भावनात्मक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मंच पर मातृत्व की ममता, प्यार और दुलार को सुंदर प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया, जिसे देखकर कई माताओं की आंखें नम हो गईं।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस की चौकसी बढ़ी।

कार्यक्रम में सैकड़ों माताओं ने भाग लिया और विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में श्रीमती ममता जी ने प्रथम, श्रीमती शकुंतला जी ने द्वितीय, तथा श्रीमती सोनिया जी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को विद्यालय के प्रबंध निदेशक श्री शिशुपाल सिंह रावत एवं प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन बिष्ट द्वारा स्मृति चिह्न व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

अपने उद्बोधन में प्रबंध निदेशक श्री रावत ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास—शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक—के लिए अभिभावकों की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु हर संभव प्रयास कर रहा है, परंतु इसके लिए अभिभावकों का सहयोग भी अत्यंत आवश्यक है।

यह भी पढ़ें 👉  "जस्सागाँजा में डंपरों के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क पर धरना; SDM के आश्वासन पर एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित"

प्रधानाचार्या श्रीमती कंचन बिष्ट ने भी अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को एक सशक्त आधार दें ताकि वे एक अच्छे इंसान बन सकें और देश का भविष्य संवार सकें।

कार्यक्रम का संचालन बर्मा जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में रचना कंडारी, ज्योति रानी, स्वाति नेगी, बबीता रावत, ज्योति नेगी, मोनिका आर्य, ममता बिष्ट, मोनिका रावत सहित अनेक अभिभावक एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उत्तराखण्ड आगमन, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर मातृत्व प्रेम, भावनाओं और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। आयोजकों ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, “माँ वह होती है जो बदले में कुछ भी माँगे बिना हमें अपना सर्वस्व दे देती है।”