उत्तराखण्ड सरकार के कृषकों की आय दोगुनी किये जाने के संकल्प को सार्थक करने हेतु इस वर्ष शीतकाल में वृहद स्तर पर विभिन्न शीतकालीन फल पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया।

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

देहरादून, 28 जनवरी, 2023  गणेश जोशी, माननीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री  उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अवगत कराया गया कि मा० प्रधानमंत्री  भारत सरकार एवं प्रदेश के मुखिया मा० मुख्यमंत्री  उत्तराखण्ड सरकार के कृषकों की आय दोगुनी किये जाने के संकल्प को सार्थक करने हेतु इस वर्ष शीतकाल में वृहद स्तर पर विभिन्न शीतकालीन फल पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसको दृष्टिगत रखते हुए उद्यान विभाग द्वारा संचालित मिशन एप्पल योजना के बजट में कई गुना वृद्धि करते हुए अति सघन / सघन सेब बागानों की स्थापना कृषकों के प्रक्षेत्रों पर करते हुए उन्हें 80 प्रतिशत राजसहायता से लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उद्यान विभाग, उद्योग विभाग व सहकारिता के सामन्जस्य से सी०एस०आर० फण्ड के अन्तर्गत भी इसी तर्ज पर सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा देने हेतु 500 बागानों की स्थापना की जायेगी।

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उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित मिशन एप्पल, मुख्यमन्त्री कृषि विकास योजनान्तर्गत Integrated Package with Drip Irrigation and trellis system for Kiwi (कीवी हेतु चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, बागेश्वर चम्पावत) व विभाग, उद्योग विभाग, सहकारिता विभाग तथा सी०एस०आर० फण्ड के सामंजस्य सेब बगीचों की स्थापना आदि योजनाओं के अन्तर्गत विभाग से स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त कास्तकार अपनी आवश्यकतानुसार उच्चगुणवत्तायुक्त प्रजातिवार पौध रोपण सामग्री के चयन व बगीचों की स्थापना करने हेतु पंजीकृत (Empaneled) फर्मों / कम्पनियों / नर्सरियों व उत्तराखण्ड प्रदेश के लाईसेन्स धारक नर्सरियों के चयन हेतु स्वतन्त्र है, वे स्वेच्छा से अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी पंजीकृत (Empaneled ) फर्मों / कम्पनियों / नर्सरियों व उत्तराखण्ड प्रदेश के लाईसेन्स धारक नर्सरियों से उच्चगुणवत्तायुक्त प्रजातिवार फल पौधों का चयन कर बगीचे की स्थापना करवा सकते है। बगीचे की स्थापना से पूर्व त्रिपक्षीय नोटराईज्ड समझौता पत्र जिसमें बगीचे की स्थापना करने वाली पंजीकृत (Empaneled) फर्मों / कम्पनियों / नर्सरियों या उत्तराखण्ड प्रदेश के लाईसेन्स धारक नर्सरियों जिनके द्वारा बगीचे की स्थापना की जायेगी व आवेदक कास्तकार एवं विभागीय कर्मचारी / अधिकारी के हस्ताक्षर कर समझौता किया जायेगा।

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ताकि बगीचे की स्थापना मानकों के अनुरूप व बगीचे की सफलता शत प्रतिशत हो सके। साथ ही सूचित करना है कि  नितिन शर्मा (अनिका ट्रेडर्स), हिमालय कॉलोनी, हरिपुर कलॉ, ऋषिकेश, देहरादून पौधशाला स्थल का पता- ग्राम लोदन, पो०ओ० ओडगावं, तहसील- बड़कोट, उत्तरकाशी, लाईसेन्स संख्या- UK-00116 के द्वारा मै० ग्रीन नर्सरी, क्यूमोह, जिला- कुलगाम, जम्मू कश्मीर से दिनांक 01. 01.2020 को अनुबन्ध पर 04 वर्ष के लिये ग्रीन नर्सरी का एक भाग पर शीतकालीन फल पाँध जैसे- सेब, कीवी, चेरी, प्लम, खुमानी व अखरोट का उत्पादन ग्रीन नर्सरी के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। उत्पादित फल पौधों का रोपण ग्राम लोदन, पो०ओ०- ओडगावं, तहसील- बड़कोट, उत्तरकाशी में किया जाना है व कास्तकारों को वितरित किया जाना है। उक्त नर्सरी के फल पौधों का सत्यापन जम्मू कश्मीर में विभागीय समिति द्वारा किया गया है। इस हेतु उत्तराखण्ड फल पौधशाला (विनियमन) अधिनियम में भी व्यवस्था निहित है।

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साथ ही मंत्री जी द्वारा बताया गया कि प्रदेश के सीमान्त जनपदों के कृषकों को हिमाचल प्रदेश की पंजीकृत व उद्यान विभाग, उत्तराखण्ड के साथ Empaneled पौधशालाओं से भी कीट / व्याधि एवं वायरस रहित उच्च गुणवत्तायुक्त प्रजातिवार फल पौध रोपण सामग्री अपनी आवश्यकतानुसार प्राप्त करने के लिए स्वतन्त्र हैं।

 

 

 

मा० मंत्री जी द्वारा प्रदेश के कृषकों / बागवानों से अनुरोध किया गया कि उत्तराखण्ड को औद्यानिकी के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान प्रदान कराने हेतु अपना अहम सहयोग प्रदान करते हुए उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का कष्ट करें।