राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस बनवाना होगा महंगा।

रोशनी पाण्डेय – सह सम्पादक

यूजर चार्ज प्रति ट्रांजक्शन 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। इससे मिलने वाला पैसा, कंप्यूटरीकरण, इलेक्ट्रोनिक टोकन मशीनों में सुधार और रखरखाव पर खर्च किया जाएगा। कैबिनेट ने लिया फैसला। राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस से जुड़े सभी काम महंगे होने वाले हैं। धामी कैबिनेट ने इन सेवाओं पर लगने वाले यूजर चार्ज को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यूजर चार्ज प्रति ट्रांजक्शन 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। इससे मिलने वाला पैसा, कंप्यूटरीकरण, इलेक्ट्रोनिक टोकन मशीनों में सुधार और रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।

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उत्तराखंड में परिवहन विभाग की सभी सेवाएं ऑनलाइन हैं। अभी तक नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन, लाइसेंस में नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलने, वाहन रजिस्ट्रेशन कराने, फिटनेस की फीस, परमिट फीस जमा करने के लिए बीस रुपये यूजर चार्ज देना पड़ता था। इसे अब सरकार ने बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है। यह यूजर चार्ज सरकार ने उत्तराखंड सूचना प्रोद्योगिकी(परिवहन विभाग) में इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दाखिल, सृजित एवं जारी का यूजर चार्ज नियमावली के तहत बढ़ाया है।

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इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा। लोगों को हर ट्रांजेक्शन पर यूजर चार्ज के रूप में तीस रुपये ज्यादा देने होंगे। हालांकि, विभाग की ऑनलाइन सेवाओं में अभी खामियां हैं। ऑनलाइन सर्वर डाउन रहने से लोगों को अक्सर ही परेशानी झेलनी पड़ती है। विभागीय दफ्तरों में लगे कंप्यूटरों की हालत भी ठीक नहीं है।

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