कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह तैयार, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा से लेकर हेलीकॉप्टर तक के इंतजाम।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह तैयार, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा से लेकर हेलीकॉप्टर तक के इंतजाम।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

हल्द्वानी, 27 जून। कैलाश मानसरोवर यात्रा-2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

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बैठक में बताया गया कि 04 जुलाई 2026 से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होगी, जबकि 05 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर स्थित टीआरसी से श्रद्धालुओं के पहले दल को लिपुलेख-गुंजी के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

 

 

इस वर्ष यात्रा के लिए 10 दल रवाना होंगे और प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु शामिल होंगे। टनकपुर से शुरू होने वाली यात्रा करीब 18 दिनों में पूरी होगी।

 

 

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंपावत और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, केएमवीएन, बीआरओ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चिकित्सा, परिवहन और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं यात्रा शुरू होने से पहले पूरी कर ली जाएं।

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यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीम, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस तैनात रहेंगे। वहीं भूस्खलन या भारी वर्षा जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर रहेंगी। जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहेगी।

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बीआरओ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग बहाल किया जाए। संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी पहले से तैनात रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

 

 

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सभी विभागों को “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और यात्रा को सफल बनाने के निर्देश दिए।


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