
छात्रसंघ चुनाव में बड़ी वारदात की थी तैयारी, नैनीताल पुलिस ने पहले ही बिगाड़ दिया गैंग का खेल।
आईटीआई गैंग के सरगना देवेंद्र सिंह बिष्ट समेत कई आरोपी हिरासत में, 10-12 अराजक तत्वों पर भी हुई कार्रवाई, पुलिस की सतर्कता से टली संभावित हिंसा
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान बड़ी वारदात को अंजाम देने की आशंका के बीच नैनीताल पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर संभावित हिंसा को रोक दिया। पुलिस को मिले सटीक इनपुट के आधार पर बहुचर्चित आईटीआई गैंग के सरगना देवेंद्र सिंह बिष्ट और धानमिल गैंग के सदस्य शिवम बिष्ट समेत कई आपराधिक तत्वों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा विभिन्न गैंग से जुड़े करीब 10 से 12 अन्य अराजक तत्वों के खिलाफ भी निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर को एमबीपीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ चुनाव से पहले विभिन्न गैंग से जुड़े आपराधिक तत्वों द्वारा प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को डराने-धमकाने की सूचना मिली थी। आशंका थी कि कुछ लोग एक प्रत्याशी के कैंप कार्यालय और चुनाव कार्यालय पहुंचकर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और चुनाव संयोजकों के साथ मारपीट कर चुनावी माहौल बिगाड़ सकते हैं।
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर पुलिस ने कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी। इसी दौरान आईटीआई गैंग के सरगना देवेंद्र सिंह बिष्ट को कॉलेज के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए हिरासत में लिया गया। उसके खिलाफ हल्द्वानी में मारपीट, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, जानलेवा हमले और गैंगस्टर एक्ट समेत छह मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, धानमिल गैंग के सदस्य शिवम बिष्ट के खिलाफ बलवे का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा मुक्तेश्वर थाने के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र सिंह उर्फ सोनू धनेला और निखिल सोनकर को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, महेंद्र सिंह के खिलाफ 11 और निखिल सोनकर के खिलाफ मारपीट के दो मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने चुनाव के दौरान लगातार निगरानी बनाए रखी और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित हिंसक घटना को टालने में मदद मिली और छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी लोगों को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी तरह की अराजकता या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।







