फर्जी बीएड डिग्री के मामले में दो शिक्षकों को पांच वर्ष की कैद सजा।

फर्जी बीएड डिग्री के मामले में दो शिक्षकों को पांच वर्ष की कैद सजा।

 

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

रुद्रप्रयाग में फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी पाने के मामले में दो शिक्षकों को अदालत ने पांच वर्ष की कैद सजा सुनाई। उन्हें IPC धारा 420 और 471 के तहत दो-दो वर्ष के कारावास की सजा भी दी गई।

यह भी पढ़ें 👉  माँ नंदा-सुनंदा महोत्सव की सफल एवं सुरक्षित व्यवस्थाओं पर नैनीताल पुलिस का सम्मान, श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर यातायात, महिला-बाल सुरक्षा और खोया-पाया व्यवस्था तक पुलिस की मुस्तैदी को मिली सराहना, श्री राम सेवक सभा, मंदिर समिति ने नैनीताल पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित।

 

 

: रुद्रप्रयाग जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक विक्रम सिंह और शिव सिंह राणा को फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी मिलने का दोषी पाया गया। उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पांच वर्ष की कैद सजा सुनाई, और IPC धारा 420 (धोखाधड़ी) और 471 (फर्जी दस्तावेज) के तहत दो-दो वर्ष के कारावास की सजा भी दी। अदालत ने उन्हें दस-दस हजार रुपये का भी जुर्माना लगाया।

यह भी पढ़ें 👉  पीएनजी कॉलेज रामनगर में चुनावी रण तैयार, 24 से नामांकन प्रक्रिया शुरू, 29 सितंबर को होगा मतदान।

 

 

शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में पता चला कि उनकी बीएड डिग्री फर्जी है, और इसके आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया। उनके खिलाफ अपील की जा सकती है, और वे जेल भेजे गए हैं।