

रामनगर में मीट-मछली कारोबारियों पर ‘कानून का शिकंजा’, कमियां मिलीं तो मिला अल्टीमेटम।
उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक
रामनगर। मीट और मछली विक्रेताओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गुरुवार को सराय बाजार स्थित मीट और मछली मार्केट में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। टीम ने करीब दो दर्जन खाद्य विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त निर्देश दिए।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान विक्रेताओं को प्रतिष्ठान के अंदर खाद्य लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने, मेडिकल फिटनेस कराने, डीप फ्रीजर रखने और उसकी नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रतिष्ठानों में शीशे लगाने, स्टेनलेस स्टील के औजारों का इस्तेमाल करने, फ्लाई कैचर लगाने तथा डस्टबिन रखने और उसकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
खाद्य विभाग ने प्रतिष्ठानों के बाहर भी साफ-सफाई बनाए रखने और ग्राहकों को गुणवत्तायुक्त मीट एवं मछली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मछली विक्रेताओं को बाहर से आने वाली मछली के भंडारण के दौरान कोल्ड चेन बनाए रखने तथा मछली की मात्रा और उसके स्रोत का पूरा रिकॉर्ड रखने को कहा गया।
मीट और मछली मार्केट का संचालन नगरपालिका द्वारा किया जाता है। इसको लेकर सफाई निरीक्षक सुदेश कुमार को मार्केट में स्थायी सफाई कर्मी की तैनाती करने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ब्लीचिंग और फिनाइल का नियमित छिड़काव कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता विहीन मीट और मछली की बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त न्यायालयीन कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एक प्रतिष्ठान संचालक खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका, जिस पर उसे लाइसेंस प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। निर्धारित समय में लाइसेंस प्रस्तुत न करने पर FSS Act 2006 की धारा 31(2) के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
वहीं निरीक्षण में पाई गई अन्य कमियों को दूर करने के लिए सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को दो सप्ताह का समय दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि के बाद भी कमियां दूर नहीं की गईं तो FSS Act 2006 की धारा 55 के उल्लंघन में न्यायालयीन कार्रवाई और दो लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।





















