12 सूत्रीय मांगों को लेकर एआरटीओ कर्मचारियों का प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन जारी।

12 सूत्रीय मांगों को लेकर एआरटीओ कर्मचारियों का प्रदर्शन, चरणबद्ध आंदोलन जारी।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखंड के बैनर तले 12 सूत्रीय मांगों को लेकर एआरटीओ कार्यालय रामनगर में कार्यरत मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने शुक्रवार को सांकेतिक गेट मीटिंग कर विरोध जताया। कर्मचारियों ने मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

 

 

 

बैठक को संबोधित करते हुए एआरटीओ कार्यालय की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मंगनी हयांकी ने बताया कि संगठन के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा और प्रांतीय महामंत्री राकेश सिंह रावत के आह्वान पर मिनिस्टीरियल कर्मचारियों से जुड़ी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में प्रधान सहायक एवं प्रशासनिक अधिकारी के पदों को समाहित करते हुए पदनाम मुख्य प्रशासनिक अधिकारी करने तथा लेवल-11 में उप निदेशक (प्रशासन) का अतिरिक्त पद सृजित करने, जिन विभागों में पदोन्नति नहीं हो रही है वहां पदोन्नत एसीपी व्यवस्था लागू करने, पदोन्नति में लागू फॉर्गो नियमावली समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू करने और जिन विभागों में मिनिस्टीरियल पदों का पुनर्गठन नहीं हुआ है वहां शीघ्र पुनर्गठन कराने की मांग शामिल है।

 

 

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इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने, गोल्डन कार्ड में आ रही दिक्कतों का तत्काल समाधान करने, स्थानांतरण अधिनियम में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिए बैठक आयोजित करने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह-ख) के कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्धारण संबंधी संशोधित शासनादेश जारी करने तथा मिनिस्टीरियल कार्मिकों की कॉमन सेवा नियमावली प्रख्यापित करने की मांग की गई।

 

 

 

संगठन ने समूह-ग के कार्मिकों को स्थानांतरण अधिनियम के तहत उनकी गृह तहसील में भी तैनाती दिए जाने, पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त करने तथा मिनिस्टीरियल के सृजित पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनाती नहीं किए जाने की मांग भी उठाई। इसके लिए स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग की गई।

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वरिष्ठ सहायक गुलशन कुमार ने बताया कि आंदोलन के तहत 7 सितंबर से 19 सितंबर तक प्रदेशभर के मिनिस्टीरियल कार्मिक विरोध स्वरूप काला फीता बांधकर जनजागरण अभियान चलाएंगे। इस दौरान विभागवार सांकेतिक गेट मीटिंग भी आयोजित की जाएंगी। वहीं, 21 सितंबर से 24 सितंबर तक उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

 

 

 

गेट मीटिंग में मंगनी हयांकी, गुलशन कुमार, मोहित चौधरी, शबनम, भास्कर आनंद जोशी, पवन मेहता आदि मौजूद रहे।