वन्यजीव संरक्षण की आवाज बने मीडिया, कॉर्बेट की वर्कशॉप में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर।

वन्यजीव संरक्षण की आवाज बने मीडिया, कॉर्बेट की वर्कशॉप में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर।

वन्यजीव संरक्षण की आवाज बने मीडिया, कॉर्बेट की वर्कशॉप में जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ओर से गुरुवार को रामनगर के एक निजी रिजॉर्ट में “Strengthening Awareness for Wildlife Conservation” विषय पर मीडिया वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन विभाग की चुनौतियों के साथ वन्यजीवों से जुड़ी खबरों की जिम्मेदार रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई।

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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इन प्रयासों और चुनौतियों की सही जानकारी जनता तक पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों से जुड़ी खबरों को सनसनीखेज बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

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कार्यशाला में वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पत्रकार डॉ. प्रेरणा सिंह बिंद्रा ने वन्यजीव पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों से संबंधित खबरों में भाषा और तथ्यों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी रिपोर्टिंग होनी चाहिए, जिससे लोगों को सही जानकारी मिले और अनावश्यक भय का माहौल न बने।

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इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच सवाल-जवाब और विचार-विमर्श भी हुआ। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की कार्यशालाओं से वन विभाग और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी जानकारी अधिक जिम्मेदारी के साथ लोगों तक पहुंचेगी।