प्रवासी बुद्धिजीवियों के सुझावों से बनेगी उत्तराखंड के विकास की नई रणनीति, सीएम धामी ने साझा की प्राथमिकताएं।

प्रवासी बुद्धिजीवियों के सुझावों से बनेगी उत्तराखंड के विकास की नई रणनीति, सीएम धामी ने साझा की प्राथमिकताएं।

प्रवासी बुद्धिजीवियों के सुझावों से बनेगी उत्तराखंड के विकास की नई रणनीति, सीएम धामी ने साझा की प्राथमिकताएं।

 

उधम सिंह राठौर – प्रधान संपादक

 

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में राज्य के प्रवासी बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कर उत्तराखंड के विकास की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। इस दौरान विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रबुद्धजनों ने प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन सुझावों को राज्य की विकास नीतियों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन से आगे बढ़ेगा उत्तराखंड, हिमालयी क्षेत्रों की धारण क्षमता का होगा वैज्ञानिक आकलन: सीएम धामी।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखंडवासियों और बुद्धिजीवियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखते हुए विकास को गति देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट बढ़ाकर 1.12 लाख करोड़ रुपये किया गया है। सरकार का लक्ष्य पहाड़ के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

 

यह भी पढ़ें 👉  खताड़ी में मीट और मिठाई की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, छह कारोबारियों को नोटिस।

 

धामी ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से प्रदेश में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं। पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को भी औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, नकल विरोधी कानून और युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। वहीं, होमस्टे, पर्यटन, कृषि और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  SSP डॉ. मंजुनाथ टी.सी. के नेतृत्व में नंदा-सुनंदा महोत्सव में नैनीताल पुलिस बनी अपनों को मिलाने वाली कड़ी, 86 श्रद्धालुओं की मदद, 57 बिछड़े बच्चों-बुजुर्गों को मिलाया परिवार से, 29 लोगों का खोया सामान लौटाया, SSP सहित अन्य अधिकारियों ने की खरीदारी, स्थानीय एवं दूर-दूर से आये व्यापारियों का बढ़ाया मनोबल।

 

 

 

उन्होंने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश में बढ़ते पर्यटकों की संख्या को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही समान नागरिक संहिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, खेल सुविधाओं के विस्तार और सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी, प्रो. प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, प्रो. हर्ष वी. पंत समेत कई वरिष्ठ बुद्धिजीवी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद रहे। सभी ने प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद सिंह ने किया।